यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Google, Facebook, TikTok और दूसरे प्लेटफॉर्म से यूरोपियन यूनियन ने पूछा - जेनरेटिव AI के खतरों से कैसे निपटेंगे?
यूरोपियन यूनियन (EU) ने बड़ी टेक कंपनियों से वायरल डीपफेक और जेन एआई के संभावित खतरों से निपटने के लिए वे क्या कदम उठा रहे हैं। इसे लेकर जानकारी मांगी ...और पढ़ें

एपी, लंदन। जेनरेटिव आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स (AI) के संभावित जोखिमों को लेकर यूरोपियन यूनियन (EU) के तेवर शुरुआत से सख्त रहे हैं। उसने बड़ी टेक कंपनियों से पूछा है कि वह वायरल डीपफेक और जेन एआई के खतरों से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही हैं।
इसके साथ ही उसने एक प्रश्नावली भी भेजी है, जिससे Microsoft Bing, Instagram, Snapchat, YouTube और X (पूर्व में ट्विटर) अपने प्लेटफॉर्म पर जेन एआई के संभावित जोखिमों को रोक रही है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सुरक्षित बनाने की कवायद
यूरोपियन यूनियन 27 देशों का समूह है, जिसने हाल ही में डिजिटल सर्विस एक्ट (डीसीए) लागू किया है। यह ऑनलाइन सर्विस ऑफर करने वाली कंपनियों को रेगुलेट करने के लिए लाया गया है। ताकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को यूजर्स के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।
ईयू एआई के संभावित खतरों से निपटने के लिए डीसीए और दूसरे मौजूदा नियमों का इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, वह यह साफ कर चुका है कि जल्द ही एआई एक्ट लेकर आने वाला है। ईयू एआई से जुड़े जिन जोखिमों को लेकर चिंतित है, उसमें गलत जानकारी सबसे प्रमुख है।
टेक कंपनियों से मांगी जानकारी?
एपी की खबर के मुताबिक, ईयू ने जेनरेटिव एआई कंटेंट के क्रिएशन और उसके प्रसार को लेकर जानकारी मांगी है। कंपनी से वे इंटरनल डॉक्यूमेंट मांगे गए हैं, जिसमें उन्होंने एआई के संभावित जोखिम और उन्हें कम करने के लिए क्या काम किया है। क्योंकि वे चुनाव के दौरान अवैध कंटेंट के प्रसार, लिंग आधारित वॉलेंस और नाबालिकों की सुरक्षा तक हर चीज पर जेनरेटिव एआई के प्रभाव से निपटते हैं।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें : Apple ने खरीदा AI स्टार्टअप, Google और Microsoft को चुनौती देने की है प्लानिंग
ईयू के अधिकारियों का कहना है कि वे जून की शुरुआत में होने वाले यूरोपियन यूनियन के चुनावों की तैयारी के लिए एआई की मदद से तैयार होने वाली गलत सूचनाओं से निपटने के लिए इन प्लेटफॉर्म की तैयारी की जांच कर रहे हैं।
वह यह भी जानना चाहते हैं कि क्या बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उस स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है जब कोई उच्च प्रभाव वाला डीपफेक अंतिम समय पर समने आता है और तेजी से वायरल हो जाता है। ईयू ने कंपनियों से चुनाव सुरक्षा पर 5 अप्रैल और दूसरे विषयों पर 26 अप्रैल तक जवाब मांगे हैं।