Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ai की मदद से कंट्रोल होगा ट्रैफिक और प्रदूषण, Google लाया ग्रीन लाइट प्रोजेक्ट

    By Ankita PandeyEdited By: Ankita Pandey
    Updated: Wed, 11 Oct 2023 06:29 PM (GMT+05:30)

    2021 में Google ने प्रदूषण के स्तर को कम करने और विभिन्न शहरों में ट्रैफिक लाइटों पर ट्रैफिक फ्लो में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट ग्रीन लाइट क ...और पढ़ें

    Ai की मदद से कंट्रोल होगा ट्रैफिक और प्रदूषण
    Ai की मदद से कंट्रोल होगा ट्रैफिक और प्रदूषण

    HighLights

    1. 12 शहरों के 70 चौराहों पर ग्रीन लाइट प्रोजेक्ट लाइव है >
    2. AI संचालित सुविधाओं के शुरू होने के बाद से इसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं।
    3. इसे शुरू करने में केवल 5 मिनट से भी का समय का वक्त लग सकता है।

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। देश के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की हवा को शुद्ध करने के लिए समय सीमा तय करते हुए एक योजना तैयार की गई है। इसमें Google अहम भूमिका निभा रहा है।

    आपको मालूम हो कि 2021 में, Google ने प्रदूषण के स्तर को कम करने और विभिन्न शहरों में ट्रैफिक लाइटों पर ट्रैफिक फ्लो में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट ग्रीन लाइट की घोषणा की थी। वहीं, अब Google ने प्रोजेक्ट के बेहतर ढंग से काम करने के तरीके के लिए नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुविधाओं की घोषणा की है।

    क्या कहना है Google के उपाध्यक्ष का?

    Google के उपाध्यक्ष, इंजीनियरिंग और अनुसंधान, योसी मटियास ने कहा कि हमें यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है की AI संचालित सुविधाओं के शुरू होने के बाद से इसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। उपाध्यक्ष के अनुसार, शुरुआती आंकड़े वाहनों के रुकने में 30% तक की कमी और चौराहों पर उत्सर्जन (emission) में 10 % तक की कमी की संभावना को दर्शाते हैं।

    यह भी पढ़ें - Google Assistant with Bard: Pixel 8 सीरीज ही नहीं, इन स्मार्टफोन में भी हो सकेगा नए फीचर का इस्तेमाल

    गूगल का दावा

    • इसके साथ ही गूगल का यह भी दावा है कि दुनिया भर के 12 शहरों में जहां प्रोजेक्ट ग्रीन लाइट की शुरुआत हो चुकी है, वहां हर महीने लगभग 3 करोड़ कार यात्राओं के बराबर की ईंधन की बचत और इसकी उत्सर्जन में कमी हो सकती है। मटियास के अनुसार,
    • यह जहां लागू किया गया है, उन शहरों के इंजीनियरों को इसे शुरू करने में केवल 5 मिनट से भी का समय का वक्त लग सकता है।

    कैसे काम करता है यह प्रोजेक्ट?

    • बता दें कि ग्रीन लाइट अब हाइफा से लेकर रियो डी जनेरियो और बैंगलोर तक 12 शहरों के 70 चौराहों पर लाइव है।
    • अब बात करें कि यह प्रोजेक्ट काम कैसे करता है तो आपको बता दें कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और गूगल मैप के ड्राइविंग ट्रेंड्स का इस्तेमाल कर ट्रैफिक पैटर्न और मौजूदा ट्रैफिक लाइट प्लान को ऑप्टिमाइज करने के लिए सुझाव देती है।
    • यही नहीं मटियास ने इसका एक और फायदा बताते हुए कहा कि इससे केवल एक चौराहा नहीं बल्कि, ग्रीन लाइट प्रोजेक्ट के जरिए आसपास के चौराहों के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर शहर के यातायात को सुधारा जा सकता है।

    यह भी पढ़ें - मुश्किल पासवर्ड एंटर करने का झंझट हुआ खत्म, चेहरे से पहचान लेगा फोन; सेकेंडों में साइन-इन होगा Google अकाउंट