यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Apple Safari ब्राउज़र इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए सरकार ने जारी की चेतावनी, जल्द से जल्द कर लें अपडेट
Apple Safari अगर आप भी Apple Safari ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। CERT-In के अनुसार नई सिक्योरिटी खामियां पाई हैं जिसे CVE-20 ...और पढ़ें

नई दिल्ली, टेक डेस्क। Apple न केवल अपने यूजर्स के लिए नई फीचर्स जोड़ने के लिए बल्कि उन्हें सुरक्षित रखने के लिए भी सॉफ्टवेयर अपडेट जारी करता है। अगर आप मैकबुक पर सफारी ब्राउज़र (Apple Safari Browser) इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है।
क्यूपर्टिनो स्थित टेक दिग्गज ने हाल ही में iOS 16.5.1 अपडेट जारी किया है, जिसमें iPhones पर नए फीचर्स जोड़ने के साथ-साथ दो महत्वपूर्ण सुरक्षा खामियों को ठीक किया गया है। अब, सरकार की साइबर सुरक्षा निगरानी संस्था, CERT-In ने मैकबुक यूजर्स के लिए एक नई चेतावनी शेयर की है। आइए डिटेल से बताते हैं सरकार ने क्या चेतवानी जारी की है।

Apple Safari में मिली खामियां
CERT-In के अनुसार, नई सिक्योरिटी खामियां पाई हैं, जिसे CVE-2023-32439 नाम दिया गया है, macOS मोंटेरे के लिए 16.5.1 से पहले के Apple Safari वर्जन को प्रभावित कर रहा है। सरकारी एजेंसी का दावा है कि एपल सफारी में रिपोर्ट की गई नई कमियां एक दूरस्थ हमलावर को टारगेट सिस्टम पर कोड एक्टिव कर सकते हैं।
जल्द रिलीज हो सकते हैं से सिक्योरिटी पैच
CERT-In ने ये भी बताया है कि इसकी मदद से दूर बैठे किसी भी सिस्टम को कंट्रोल किया जा सकता है। Apple ने पहले ही इस समस्या को स्वीकार कर लिया है और अभी तक इसके लिए कोई समाधान नहीं निकाला है। ग्राहकों की सुरक्षा के लिए, कंपनी ने कहा कि वह सुरक्षा मुद्दों का खुलासा, चर्चा या पुष्टि तब तक नहीं करती जब तक कि कोई जांच न हो जाए और पैच या रिलीज़ उपलब्ध न हो जाएं।
खबरें और भी
Apple ने जारी किए iOS 16.5.1 अपडेट
Apple ने iOS 16.5.1 के साथ जिन दो महत्वपूर्ण सिक्योरिटी खामियों को ठीक किया है, उनका कथित तौर पर रूस में iPhones को हैक करने के लिए उपयोग किया गया था। साइबर सुरक्षा फर्म Kaspersky ने सुरक्षा खामी को उजागर किया। Apple ने इन कमजोरियों को इंगित करने के लिए Kaspersky को भी धन्यवाद दिया है। इनकी मदद से कंप्यूटर से पासवर्ड को चुराया जा रहा था।