यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Smartwatch और Smart Ring के इस फीचर के लिए मिली चेतावनी, यूएस हेल्थ एजेंसी ने दी जानकारी
अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने स्मार्टवॉच और स्मार्ट रिंग को लेकर एक चेतावनी दी है। एजेंसी ने बताया कि इन डिवाइस में मिलते वाला ब्लड शुगर ले ...और पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। बीते कुछ सालों में स्मार्ट वॉच का चलन काफी बढ़ गया है, क्योंकि लोग इसकी तरफ तेजी से रुख करते नजर आए है। इसका सबसे बड़ा कारण इसमें मिलने वाली स्वास्थ्य संबंधी फीचर है, जो आपको केवल एक क्लिक में अपने शरीर के मैजर अपडेट के बारे में जानने देते हैं।
अक्सर हमें ऐसी खबरें सुनाई देती है कि एपल वॉच के किसी फीचर ने किसी व्यक्ति की जान बचाई । ऐसे में अक्सर आपको पता चले कि इस फीचर्स में से एक फीचर सही नहीं है तो?
अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) कंज्यूमर्स, रोगियों, देखभाल करने वालों और हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स को स्मार्टवॉच या स्मार्ट रिंग का उपयोग करने से संबंधित जोखिमों के बारे में चेतावनी दे रहा है। इसका प्रभाव एपल , सैमसंग जैसी बड़ी कंपनियों पर पड़ सकता है। आइये इसके बारे में जानते हैं।
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स्मार्टवॉच और रिंग को लेकर मिली चेतावनी
- FDA ने स्मार्टवॉच या स्मार्ट रिंग के एक फीचर को लेकर चेतावनी दी है, जो यह दावा करते हैं त्वचा में छेद किए बिना रक्त शर्करा के स्तर (बल्ड शुगर लेवल) को मापा जा सकता है।नहालांकि एपल वॉच और किसी अन्य स्मार्टवॉच में ब्लड शुगर मॉनिटरिंग फीचर नहीं है।
- एफडीए के अनुसार, ये डिवाइस स्मार्टवॉच एप्लिकेशन से अलग हैं जो एफडीए-अधिकृत रक्त ग्लूकोज मापने वाले टूल जैसे कन्टिन्यू ग्लूकोज मॉनिटरिंग डिवाइस (CGM) से डेटा दिखाते हैं जो त्वचा को छेदते हैं।
- प्रेस रिलीज में बताया गया कि एफडीए ने किसी भी स्मार्टवॉच या स्मार्ट रिंग को अधिकृत, अस्वीकृत या स्वीकृत नहीं किया है, जिसका उद्देश्य रक्त ग्लूकोज मूल्यों को मापना या अनुमान लगाना है।
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इन मरीजों के लिए हो सकता है खतरा
- एफडीए ने यह भी बताया कि मधुमेह वाले लोगों के लिए, गलत रक्त ग्लूकोज माप से मधुमेह मैनेजमेंट में परेशानियां ला सकता है।
- इससे मरीज भ्रमित होकर इंसुलिन, सल्फोनीलुरिया या अन्य दवाओं की गलत खुराक ले सकते हैं जो तेजी से रक्त ग्लूकोज को कम कर सकते हैं।
- ऐसे में अचानक मरीज को लो ग्लूकोज लेवल का सामना करना पड़ सकता है, जिससे मानसिक भ्रम, कोमा, या त्रुटि के कुछ घंटों में मौत भी हो सकता है।