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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    AI से होगी पैसों की बारिश! 2028 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी बन सकता है भारत

    Updated: Mon, 07 Oct 2024 09:02 PM (IST)

    इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर का कहना है कि भारत की डिजिटल इकोनॉमी 2.8 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रही है। यह 2027-28 तक 1 ट्रिल ...और पढ़ें

    भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था है।
    भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था है।

    HighLights

    1. केंद्र सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर काफी फोकस कर रही है।
    2. केंद्र सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना चाहती है।
    3. भारत की डिजिटल इकोनॉमी 2.8 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रही है

    पीटीआई, नई दिल्ली। भारत की डिजिटल इकोनॉमी 2.8 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रही है और यह 2027-28 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। IndiaAI मिशन की वैल्यू भी 10,000 करोड़ रुपये से दोगुना होकर 20,000 करोड़ रुपये हो जाएगी। यह कहना है इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर का।

    एक साल आगे बढ़ा टारगेट

    केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर का कहना है कि सरकार को पहले उम्मीद थी कि भारत की डिजिटल इकोनॉमी 2026-27 तक ही 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े तक पहुंच जाएगी। लेकिन, कोविड-19 महामारी जैसे अप्रत्याशित चुनौतियों के लिए टारगेट को एक साल आगे बढ़ा दिया गया है।

    केंद्रीय मंत्री ने एक बयान में कहा था, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटलाइजेशन पर काफी फोकस कर रहे हैं। यही वजह है कि डिजिटल इकोनॉमी 2.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। हम पहले से ही दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था हैं।'

    चंद्रशेखर ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के सरकारी आवास पर एक कार्यक्रम में यह बातें कही थीं। इस कार्यक्रम में लगभग 300 आईटी, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी उद्योग के मशहूर हस्तियों ने हिस्सा लिया था।

    1 लाख करोड़ रुपये का सीड फंड

    इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही एआई को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के सीड फंड की मंजूरी दे दी है। इससे डिजिटल सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। जैसे कि अगर किसी ने टेक्नोलॉजी बनाई है, तो उसके रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए इंडियाएआई मिशन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका कुल मूल्य 20,000 करोड़ रुपये होगा।

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    यह है सरकार का मकसद

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का मकसद युवा भारतीयों को आगे बढ़ाना है, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सके। उन्होंने कहा कि टेक इंडस्ट्री चाहती है कि ग्रोथ की यह रफ्तार बनी रहे और हमारा फोकस भी इसी चीज पर है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में डिजिटल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। इसके तहत प्रत्येक भारतीय के पास इंटरनेट कनेक्शन होगा और वह पूरी तरह से डिजिटल रूप से सशक्त होगा।

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