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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Indian AI: 10 महीने में लॉन्च होगा स्वदेशी जेन AI मॉडल, अमेरिका और चीन के दबदबे को चुनौती देगा भारत

    Updated: Thu, 30 Jan 2025 03:15 PM (IST)

    भारत जल्द ही अपना AI मॉडल लॉन्च करेगा। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एलान किया अगले दस महीने में स्वदेशी एआई मॉडल लॉन्च हो जाएगा। इसके लिए 10 ...और पढ़ें

    ChatGPT, Gemini और DeepSeek जैसे पॉपुलर एआई मॉडल को चुनौती देगा
    ChatGPT, Gemini और DeepSeek जैसे पॉपुलर एआई मॉडल को चुनौती देगा

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और चीन के बाद अब भारत जल्द अपना एआई मॉडल लॉन्च करने जा रहा है। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज इसका एलान किया है। भारत के स्वदेशी जेनरेटिव एआई मॉडल के अगले 10 महीनों में उपलब्ध होने की उम्मीद है। यह एआई मॉडल ChatGPT, Gemini और DeepSeek जैसे पॉपुलर एआई मॉडल को चुनौती देगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने इसके लिए 10 कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है।

    अश्विनी वैष्णव ने बताया कि स्वदेशी एआई मिशन को पूरा करने के लिए मौजूदा समय में सरकारी कम्प्यूटिंग फैसेलिटी में 18,693 ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) उपलब्ध हैं।

    भारत ने स्वदेशी एआई मिशन के लिए रिलायंस जियो, टाटा कॉम्युनिकेशन, ओरिएंट टेक, योट्टा कॉम जैसी कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है। इसके साथ ही सरकार ने अन्य कंपनियों से भी फांउडेशनल मॉडल के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके साथ ही इडिविजुअल डेवलपर्स से भी आवेदन मांगे जा रहे हैं। 

    प्राइवेसी को लेकर सरकार चिंतित

    डीपसीक एआई की लोकप्रियता और यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर पूछे सवाल के जवाब में अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा के लिए डीपसीक से भारत में सर्वर लगाने के लिए कहेगी।

    क्या है India AI Mission

    भारत अपने India AI Mission के तहत एआई का उपयोग टेक्नोलॉजी के साथ-साथ हेल्थ, एजुकेशन, एग्रीकल्चर और दूसरे क्षेत्रों में भी करेगा। सरकार ने पिछले साल India AI Mission  को मंजूरी दी थी। इसके लिए केंद्र सरकार ने एआई कंप्यूटिंग इकोसिस्टम के लिए 10 हजार करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके साथ ही सरकार एआई से जुड़े स्टार्टअप को भी बढ़ावा दे रही है।

    क्यों जरूरी है AI कंप्यूटिंग इकोसिस्टम

    AI मॉडल को ट्रेनिंग देने लिए एडवांस और हाई प्रफॉर्मेंस ओरिएंटेड GPU वाले कम्प्यूटर्स की जरूरत होती है। इसकी मदद से ही लार्ज लैंग्वेज मॉडल को ट्रेन किया जाता है। सरकार एआई के लिए देश में एडवांस लैब तैयार करने पर जो दे रही है। ताकि एआई में अमेरिका और चीन के दबदबे को चुनौती दी जा सके। बता दें कि कुछ दिनों पहले हीन चीन की स्टार्टअप कंपनी ने DeepSeek नाम का एआई मॉडल लॉन्च कर खूब सुर्खियां बटोरी हैं।

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