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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    DogeRAT: मिनटों में हैकर्स के पास होगा आपके स्मार्टफोन का एक्सेस, इंस्टाग्राम और यूट्यब के जरिए हो रही एंट्री

    By Shivani KotnalaEdited By: Shivani Kotnala
    Updated: Wed, 31 May 2023 09:00 PM (IST)

    Malware alert अगर आप भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव रहते हैं तो ये खबर आपके लिए ही लिखी जा रही है। रिसर्चर्स ने एक DogeRAT नाम के एक मालवेयर को ...और पढ़ें

    Malware alert Indian researchers Found DogeRAT, Pic Courtesy- Jagran File
    Malware alert Indian researchers Found DogeRAT, Pic Courtesy- Jagran File

    नई दिल्ली, टेक डेस्क। अगर आप भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार एक्टिव रहते हैं तो ये खबर आपको चौंका सकती है। सोशल मीडिया पर यूट्यूब, इंस्टाग्राम, ओपेरा मिनी, नेटफ्लिक्स जैसे पॉपुलर ऐप्स के नाम पर एक मालवेयर की एंट्री आपके डिवाइस में हो सकती है। दरअसल भारतीय रिसर्चर्स ने एक ऐसे मालवेयर को पाया है जो साइबर हैकर्स द्वारा ठगी के लिए फैलाया जा रहा है। इस मालवेयर की पहचान DogeRAT (Remote Access Trojan)के रूप में हुई है।

    किन यूजर्स को टारगेट कर रहे हैं हैकर्स?

    मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि DogeRAT मालवेयर को अलग-अलग फिल्ड से जुड़े यूजर्स की बैंकिंग जानकारियों को चुराने के लिए डिजाइन किया गया है। हैकर्स यूजर्स को फेक एंड्रॉइड ऐप्स का झांसा देकर उनके डिवाइस में मालवेयर की एंट्री करवा रहे हैं।

    अपने शिकार की तलाश में हैकर्स पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव हैं। रिपोर्ट्स में सामने आया है कि नया खतरा ओपन-सोर्स एंड्रॉइड मालवेयर है यह खास कर बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस, एंटरटेनमेंट और ई-कॉमर्स सेक्टर को फोकस में रख कर काम कर रहा है। नया मालवेयर भारतीय यूजर्स को फंसाने के लिए डिजाइन किया गया है।

    हैकर किस तरकीब का कर रहे इस्तेमाल?

    रिपोर्ट्स में बताया गया है कि DogeRAT मालवेयर को यूजर के फोन में एक ऐप के रूप इंस्टॉल करवाया जा रहा है। एक बार स्मार्टफोन में एंट्री पाते ही यह मालवेयर यूजर की सेंसिटिव जानकारियों को चुराने का काम कर रहा है।

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    इतना ही नहीं, यूजर के डिवाइस में आते ही यह मालवेयर हैकर को यूजर के फोन का अनऑथराइज्ड एक्सेस दे रहा है। यानी दूर बैठा हैकर यूजर के फोन के कैमरे से फोटो लेने से लेकर पेमेंट करने तक का काम कर रहा है।

    मालवेयर के खतरे से कैसे बच सकते हैं?

    यूजर को किसी भी लिंक पर क्लिक कर ऐप इंस्टॉल करने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचना जरूरी है। साइबर हैकर्स यूजर्स को फंसाने के लिए टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं।