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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बदल गए नियम: Jio, Airtel, Voda और BSNL यूजर्स ध्यान दें, आज से हो रहे लागू

Updated: Wed, 01 Jan 2025 06:00 AM (IST)

आज 1 जनवरी 2025 से नए टेलीकॉम नियम प्रभावी रूप से लागू हो गए हैं। नए नियम लागू होने से मोबाइल यूजर्स और टेलीकॉम कंपनियों के लिए कई जरूरी चीजें बदल जाए ...और पढ़ें

आज से बदल रहे हैं टेलीकॉम से जुड़े नियम
आज से बदल रहे हैं टेलीकॉम से जुड़े नियम

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आज 1 जनवरी 2025 से टेलीकॉम कंपनियों (New Telecom Rule) के लिए कई जरूरी नियम बदलने वाले हैं। कुछ दिन पहले डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) ने कुछ नए कानून बनाए थे। जिनमें से कुछ तो 2024 में ही लागू हो गए, लेकिन कुछ कानून अब नए साल से लागू होने वाले हैं। टेलीकॉम एक्ट में शामिल नियमों को सभी कंपनियों को अनिवार्य से रूप से फॉलो करना होगा।

इन नियमों को लागू करने के पीछे डॉट का उद्देश्य टेलीकॉम कंपनियों की सर्विस को बेहतर बनाना है। 1 जनवरी 2025 यानी आज से क्या कुछ बदलने वाला है। आइए जानते हैं।

आज से नए नियम लागू

1 जनवरी 2025 से राइट ऑफ वे (RoW) रूल लागू हो रहा है। इसे सितंबर में टेलीकॉम एक्ट में शामिल किया गया था, लेकिन नियम प्रभावी रूप से आज से लागू होने जा रहा है। ट्राई ने साफतौर पर कहा है कि सभी कंपनियों को इन नियमों को फॉलो करना होगा।

क्या है नए नियमों में...

नए नियमों के तहत कंपनियों को ऑप्टिकल फाइबर लाइन और नए मोबाइल टावर लगाने पर फोकस करना होगा। Dot ने कहा कि सभी कंपनियों को नए नियमों को एक जनवरी के लागू है। राइट ऑफ वे (RoW) नियम लागू होने से कंपनियों को अपनी सर्विस बेहतर करने में मदद मिलेगी। नया नियम बताता है कि Jio, Airtel, Voda, BSNL जैसी टेलीकॉम कंपनियां कहां-कहां नए मोबाइल टावर लगा सकती हैं।

बदल जाएगा बहुत कुछ

यह भी कहा गया है कि अब टेलीकॉम कंपनियों को मोबाइल टावर लगाने के लिए ज्यादा तामझाम नहीं करना पड़ेगा। पहले मोबाइल टावर लगाने के लिए कंपनियों को कई जगह से परमिशन लेनी होती थी, लेकिन अब सिर्फ एक जगह से ही परमिशन लेनी होगी। इन नियमों को पब्लिक और कंपनियों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।

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टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने किया था आग्रह

नया RoW नियम ट्रांसपेरेंसी और एफिशिएंसी प्रदान करने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड बनाए रखने की प्रक्रिया को सरल बनाता है। कुछ दिन पहले टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने सरकार से RoW नियम लागू करने का आग्रह किया था। उनका कहना था कि इस नियम से पार्दर्शिता आएगी और एफिशिएंसी भी बेहतर होगी।

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