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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Deepfakes के गलत इस्तेमाल पर सरकार सख्त, राजीव चंद्रशेखर बोले- सोशल मीडिया कंपनियों के पास 7 दिन का वक्त

    By Ankita PandeyEdited By: Ankita Pandey
    Updated: Fri, 24 Nov 2023 01:26 PM (IST)

    Rajeev Chandrashekhar on DeepFake- साइबर सिक्योरिटी और डीपफेक को लेकर सरकार की तरफ से कई कड़े कदम उठाए है। इसके तहत ही बीते गुरुवार आईटी मंत्रालय ने ए ...और पढ़ें

    DeepFake के गलत इस्तेमाल पर लगेगी रोक
    DeepFake के गलत इस्तेमाल पर लगेगी रोक

    HighLights

    1. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने डीपफेक को लेकर एक बैठक की।
    2. इसमें सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बुलाया गया और डीपफेक की गंभीरता पर विचार किया गया।
    3. अगर यूजर्स को डीपफेक जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा तो वे उन प्लेटफॉर्म पर FIR कर सकते हैं।

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। डीपफेक जैसे अहम मुद्दे पर बातचीत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ एक बैठक की थी। जिसमें डीप फेक मुद्दे पर गंभीर रूप से विचार विमर्श किया गया है।

    बैठक के बाद केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार इसके खिलाफ कई बड़े कदम उठाएगी। वहीं आज इलेक्ट्रॉनिक्स एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने भी डीप फेक मुद्दे पर अपने विचार प्रकट किए।

    उन्होंने कहा कि हमने इंटरनेट से जुड़ें सभी प्लेटफॉर्म और इंटरनेट मीडिएटर्स के साथ एक बहुत लंबी बैठक की और उनके साथ डीप फेक का मुद्दा उठाया है। मैं उन्हें याद दिलाया कि अक्टूबर 2022 से ही भारत सरकार उन्हें गलत सूचना और डीप फेक के खतरे के प्रति सचेत कर रही है, जो गलत सूचना का हिस्सा है।

    जरूरी है भविष्य की तैयारी

    • सभी मीडिएटर्स इस बात पर सहमत हुए कि आईटी अधिनियम के तहत मौजूदा आईटी नियम डीप फेक से निपटने के लिए उनकी ओर से पर्याप्त अनुपालन आवश्यकताओं का प्रावधान करते हैं।
    • यह देखते हुए कि हमारा आईटी अधिनियम 23 वर्ष पुराना है, हम भविष्य के नियमों और भविष्य के कानून के बारे में बात कर रहे हैं, जो निश्चित रूप से आवश्यक है।

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    सात दिनों की मिली

    • मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कहा है कि वो सलाह और निर्देश के साथ इसका पालन करें ।
    • सभी प्लेटफार्मों को भारतीय इंटरनेट पर निषिद्ध बारह क्षेत्रों के हिसाब से अपने यूजर्स के साथ अपनी उपयोग की शर्तों को ठीक करना होगा और बदलना होगा।
    • इसके लिए प्लेटफॉर्म को सात दिनों का समय दिया गया, ताकि यूजर्स को एक सुरक्षित स्पेस मिल सके।

    सोशल मीडिया पर FIR कर सकेंगे यूजर्स 

    राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि अगर यूजर्स को  डीपफेक जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा तो वे उन प्लेटफॉर्म पर FIR कर सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि  सरकार आईटी नियमों के उल्लंघन के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में नागरिकों की सहायता करेगी।

    आईटी  मंत्रालय ने एर प्लेटफॉर्म विकसित करने की योजना बनाई है, जिस पर यूजर सोशल मीडिया प्लेटफार्मों द्वारा आईटी नियमों के उल्लंघन के बारे में सूचना दे सकते हैं। 

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