OpenAI का बड़ा कदम! अब पुरानी बातें नहीं भूलेगा ChatGPT, मेमोरी फीचर्स को मिला नया अपग्रेड
OpenAI ने ChatGPT की मेमोरी कैपेबिलिटी को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा आर्किटेक्चर अपग्रेड अनाउंस किया है। इस नए अपडेट के बाद ChatGP ...और पढ़ें
-1780761623189_m.webp)
आ गया ChatGPT का नया 'Dreaming' आर्किटेक्चर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। OpenAI ने ChatGPT की कैपेबिलिटी के लिए एक बड़े अपग्रेड की अनाउंसमेंट की है, जिससे ये चैटबॉट पिछली बातचीत से मिली जानकारियों का बेहतर इस्तेमाल कर सकेगा। इस अपडेट का मकसद समय के साथ यूजर्स की प्रेफरेंसेस, चल रहे प्रोजेक्ट्स और पर्सनल डिटेल्स को याद रखने के तरीके को बेहतर बनाना है। OpenAI का कहना है कि इन बदलावों को पुरानी हो चुकी मेमोरीज जैसी दिक्कतों को दूर करने और लगातार बढ़ रहे यूजर बेस के लिए इस फीचर को ज्यादा असरदार बनाने के इरादे से पेश किया गया है। कंपनी के मुताबिक, ये नया सिस्टम एक रीडिजाइंड आर्किटेक्चर पर बना है जो बड़े पैमाने पर मेमोरी को ज्यादा एफिशिएंसी से मैनेज कर सकता है।
OpenAI ने बेहतर रिकॉल और प्रेफरेंसेस के साथ ChatGPT मेमोरी को किया अपग्रेड
एक ब्लॉग पोस्ट में, OpenAI ने 'Dreaming' नाम के एक नए मेमोरी आर्किटेक्चर की डिटेल्स शेयर की हैं। ये टेक्नोलॉजी बैकग्राउंड में काम करके पिछली बातचीत से जुटाई गई जानकारियों को ऑर्गनाइज और रिफ्रेश करती है, जिससे ChatGPT को जरूरी कॉन्टेक्स्ट याद रखने में मदद मिलती है और यूजर्स को बार-बार एक ही डिटेल देने की जरूरत नहीं पड़ती। ये फीचर फिलहाल अमेरिका में Plus और Pro सब्सक्राइबर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है, जबकि आने वाले हफ्तों में दूसरे रीजन्स के साथ-साथ Free और Go यूजर्स के लिए भी इसका सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
ये लेटेस्ट रिलीज पिछले दो सालों में पेश किए गए शुरुआती मेमोरी फीचर्स के एक्सपीरिएंस पर बेस्ड है। OpenAI ने 2024 में 'Saved Memories' लॉन्च किया था, जिससे यूजर्स को ChatGPT को कोई खास जानकारी याद रखने के लिए कहने की सुविधा मिली थी। एक साल बाद, कंपनी ने इस फीचर का दायरा बढ़ाते हुए चैटबॉट को 'Dreaming' के एक शुरुआती वर्जन के जरिए पुरानी बातचीत का रेफरेंस लेने के काबिल बनाया था।
OpenAI के मुताबिक, अपडेटेड सिस्टम खास तौर पर से तीन एरियाज पर फोकस करता है- पिछली बातचीत से काम का कॉन्टेक्स्ट बनाए रखना, यूजर की प्रेफरेंसेस को लगातार अप्लाई करना और ये पक्का करना कि स्टोर की गई जानकारी बदलते हालातों के हिसाब से अपडेटेड रहे।
खबरें और भी
इस अनाउंसमेंट के साथ ही, कंपनी ने अपने इंटरनल बेंचमार्क रिजल्ट्स भी पब्लिश किए हैं जो इन तीनों कैटेगरीज में बड़े सुधारों की तरफ इशारा करते हैं। इसके तहत फैक्चुअल रिकॉल का स्कोर 67.9 प्रतिशत से बढ़कर 82.8 प्रतिशत हो गया है, जबकि प्रेफरेंस एडहेरेंस 55.3 प्रतिशत से बढ़कर 71.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है। समय के हिसाब से जरूरी मेमोरी टास्क्स पर भी परफॉर्मेंस बेहतर हुई है और यह 52.2 प्रतिशत से बढ़कर 75.1 प्रतिशत हो गई है।
इसके अलावा, यूजर्स को एक नए 'मेमोरी समरी पेज' का एक्सेस भी मिलेगा जो ये दिखाएगा कि ChatGPT ने समय के साथ उनके बारे में क्या-क्या सीखा है। इस पेज के जरिए यूजर्स स्टोर की गई जानकारियों को रिव्यू कर सकेंगे, उनमें सुधार कर सकेंगे, डिटेल्स को हटा सकेंगे या उन टॉपिक्स को मार्क कर सकेंगे जिन्हें वे चाहते हैं कि चैटबॉट आगे की बातचीत में याद रखे।