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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sim Swapping के जरिए आपके फोन का OTP जा रहा है स्कैमर्स के पास, आखिर क्या बला है ये

    By Ankita PandeyEdited By: Ankita Pandey
    Updated: Mon, 23 Jan 2023 07:51 PM (GMT+05:30)

    समय के साथ-साथ स्कैमिंग की समस्या काफी बढ़ गई है। 5G के लॉन्च के साथ ही आज कल सिम स्वौपिंग के कई कैश सामने आ रहे हैं जिसमें स्कैमर्स आपके सिम के जरिए ...और पढ़ें

    How Sim swapping works and how it is helping hackers
    How Sim swapping works and how it is helping hackers

    नई दिल्ली, टेक डेस्क। जब आप कोई ट्रांजेकशन करने है या कहीं कोई पेमेंट करते हैं या किसी सर्विस के लिए सब्सक्रिप्शन लेते हैं तो कंपनियां हमारे फोन नंबर पर OTP भेजते है, जो यह कंफर्म करता है कि यह नंबर आपका ही है। लेकिन अगर आपका OTP किसी स्कैमर के पास जा रहा हो तो? जी हां आजकल ऐसी ही एक समस्या सामने आ रही है,जिसमें स्कैमर्स आपके सिम को स्वैप करके आपके नंबर को अपने पास ले लेते हैं। आखिर क्या है ये सिम स्वैपिंग, आइये इसके बारे में जानते हैं।

    क्या है Sim Swapping?

    बीते कुछ दिनों अवैध सिम स्वैपिंग के कई मामले सामने आएं है, जिसके कारण लोगों के पैसे, कभी-कभी तो लाखों का नुकसान हुआ हैं। पिछले दो-स्टेप वेरिफिकेशन करने के प्रभावी तरीके के तहत सिम स्वैपिंग साइबर अपराधियों का एक नया तरीका बन गया है।

    सिम स्वैपिंग में एक साइबर क्रिमिनल आपके सिम कार्ड को डुप्लीकेट कर लेता है। हालांकि, ऐसा करने के लिए उन्हें आपके पर्सनलाइज्ड डाटा जैसे आईडी, फोन नंबर और पूरा नाम, ईमेल आईडी, जन्म तिथि, आदि तक एक्सेस होना जरूरी होता है, जिसे वे नियमित फिशिंग तकनीकों का उपयोग करते हैं।

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    इसके बाद वे आपके मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क कर सकते हैं और फोन या इंटरनेट पर या किसी भौतिक स्टोर पर जाकर भी आपके सिम का डुप्लीकेट हासिल कर सकते हैं। एक बार जब उनके पास डुप्लीकेट सिम हो जाता है, तो वे यूजर के बैंक अकाउंट के लिए ओटीपी और वेरिफिकेशन आदि भी पा सकते हैं।

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    हर हफ्ते होते हैं 1700 से अधिक हमले

    चेक प्वाइंट थ्रेट इंटेलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार पिछले 6 महीनों में प्रति सप्ताह औसतन 1783 बार भारत में एक संगठन पर हमला किया गया है। इन हमलों को निजी डाटा चुराने का इरादा से किया जाता है, जिसका बाद में साइबर अपराधी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-IN) की रिपोर्ट है कि भारत में फिशिंग की घटनाओं की कुल संख्या 2020 में 280 से बढ़कर 2021 में 523 हो गई है, क्योंकि रैनसमवेयर हमलों की संख्या भी बढ़ गई है।

    सिम स्वैपिंग से कैसे बचें?

    बता दें कि जब आपका सिम कोई स्कैमर्स डुप्लीकेट कर लेता है, तो आपके फोन में मोबाइल सिग्नल पूरी तरह से गायब हो जाएगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि अब आपके सिम कार्ड पर मोबाइल नेटवर्क तक एक्सेस नहीं होता है। जिसके तहत अब आप कॉल और टेक्स्ट संदेश करने और रिसीव करने में असमर्थ होंगे।

    आपका व्यक्तिगत डाटा वह जानकारी है, जिसकी जरूरत साइबर अपराधियों को आपके सिम की नकल करने के लिए होती है। यही कारण है कि आपके द्वारा देखी जाने वाली वेबसाइटों के बारे में सावधान रहें।

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