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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    YouTube क्रिएटर्स ने नहीं किया ये काम तो चुकानी पड़ेगी भारी कीमत, जानें क्या है प्लेटफॉर्म की नई पॉलिसी

    By Shivani KotnalaEdited By: Shivani Kotnala
    Updated: Wed, 15 Nov 2023 12:00 PM (IST)

    YouTube Update कई बार यूट्यूब वीडियो में ऐसा कुछ दिखाया जाता है जिसे व्यूअर सच समझ बैठता है और भ्रमित हो जाता है। एआई के इस दौर में यूजर किसी वीडियो क ...और पढ़ें

    YouTube क्रिएटर्स के लिए कंपनी ने लिया ये नया फैसला
    YouTube क्रिएटर्स के लिए कंपनी ने लिया ये नया फैसला

    HighLights

    1. YouTube पर एआई जनरेटेड कंटेंट की पहचान करना आसान होगा।
    2. YouTube प्लेटफॉर्म पर सिंथेटिक वीडियो लेबल के साथ पहचाने जाएंगे।

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। गूगल के पॉपुलर वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब का इस्तेमाल 2 बिलियन से ज्यादा यूजर्स करते हैं। इसी के साथ यूट्यूब पर कंटेंट की भरमार है। इन वीडियो में रियल और सिंथेटिक कंटेंट की पहचान कर पाना एक मुश्किल काम हो सकता है।

     कई बार यूट्यूब वीडियो में ऐसा कुछ दिखाया जाता है, जिसे व्यूअर सच समझ बैठता है और भ्रमित हो जाता है। एआई के इस दौर में यूजर किसी वीडियो को देखकर भ्रमित न हों, इसके लिए कंपनी ने एक नया एलान किया है।

    यूट्यूब क्रिएटर्स को करना होगा ये काम

    यूट्यूब ने क्रिएटर्स को उनके वीडियो एआई जनरेटेड होने की स्थिति में मार्क करने को कहा गया है। मार्क किए गए वीडियो को प्लेटफॉर्म लेबल्स के साथ दिखाएगा।

    लेबल्स के साथ दिखाई देने वाले वीडियो को लेकर व्यूअर आसानी से एआई जनरेटेड वीडियो की पहचान कर सकेंगे। यूट्यूब ने अपने लेटेस्ट पोस्ट के साथ जानकारी दी है कि इस बदलाव को आने वाले हफ्तों में देखा जाएगा।

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    शॉर्टस पर लागू होगा फैसला

    यूट्यूब क्रिएटर्स अगर अपनी वीडियो में एआई का इस्तेमाल करते हैं तो उनके वीडियो को यूजर आर्टिफिशियल की कैटेगरी की रख सकेंगे। कंपनी का कहना है कि यूट्यूब वीडियो लेबल का यह फैसला फुल लेंथ और शॉर्ट्स दोनों वीडियो पर लागू होगा।

    एआई लेबल के साथ नजर आएंगे ये वीडियो

    कंपनी ने आगे जानकारी देते हुए कहा है कि सेंसिटिव टॉपिक जैसे कि इलेक्शन, विरोधी विचाराधारा और हेल्थ से जुड़े वीडियो को एआई लेबल्स के साथ दिखाया जाएगा।

    इतना ही नहीं, अगर क्रिएटर्स इस तरह के वीडियो को मार्क नहीं करते हैं तो इस तरह के कंटेंट को प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही क्रिएटर को यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम से सस्पेंड भी कर दिया जाएगा।

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