यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'अगर मैं लड़का होती तो शायद क्रिकेट खेलती', पूर्व टेनिस स्टार Sania Mirza ने खोला अपने दिल का राज
Sania Mirza on playing cricket if she were a boy भारत की पूर्व दिग्गज टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने कहा कि अगर वो लड़का होती तो शायद क्रिकेट खेलती। ...और पढ़ें

नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क। पूर्व भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने कहा कि अगर वो लड़का होती तो क्रिकेट खेलती। सानिया मिर्जा ने हाल ही में टेनिस से संन्यास लिया था। उन्होंने दुबई टेनिस चैंपियनशिप में अपना आखिरी मैच खेला था।
सानिया मिर्जा ने जिओ सिनेमा पर वेदा कृष्णमूर्ति से बातचीत में कहा कि अगर वो लड़का होती तो क्रिकेट खेलती। 36 साल की सानिया मिर्जा ने छह ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब जीते और इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में हिस्सा लिया था। मिर्जा ने कहा, ''ईमानदारी से कहूं और मुझे पता है कि आपको यह बात नहीं कहना चाहिए, लेकिन अगर मैं लड़का होती तो शायद क्रिकेट खेलती और मैं जानती हूं कि आप लड़की हैं।''
उन्होंने आगे कहा, ''क्रिकेट खेलना बहुत अलग था। सिर्फ खेलना ही बहुत अलग था। चूकि मैं लड़की थी तो उनकी सोच थी कि क्रिकेट लड़कियों का खेल नहीं। मगर 30 साल पहले ऐसी बाते थीं।'' सानिया मिर्जा ने 22 बार ग्रैंड स्लैम चैंपियन स्टेफी ग्राफ को अपना आदर्श बताया। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत में पीटी ऊषा के अलावा कोई एथलीट नहीं थी, जिसे वो देखकर बड़ी हुई हो।
सानिया मिर्जा डब्ल्यूटीए सिंगल्स खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी, जब 2005 में उन्होंने हैदराबाद में इवेंट जीता था। वो 2007 में टॉप-30 में पहुंची आर करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग वर्ल्ड नंबर 27 पर पहुंची। सानिया ने कहा, ''मेरी आदर्श स्टेफी ग्राफ थीं क्योंकि उस समय केवल वो ही थीं। हमारे देश में पीटी ऊषा के अलावा कोई महिला एथलीट नहीं थी, जिसे आदर्श मानकर हम बड़े हो।''
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सानिया ने कहा, ''पीटी ऊषा को उस समय घर-घर में जाना जाता था। तब कहा जाता था कि अगर आपको महिला एथलीट बनना है तो पीटी ऊषा जैसे बन सकती हैं।'' याद दिला दें कि अपने आखिरी डब्ल्यूटीए इवेंट में सानिया मिर्जा दुबई टेनिस चैंपियनशिप के पहले राउंड में बाहर हो गई थीं।