यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Operation Sindoor : पाकिस्तान से बढ़े तनाव के बाद प्रदेश में रेड अलर्ट, खुफिया विभाग व मिलिट्री इंटेलीजेंस भी सतर्क
Operation Sindoor प्रदेश में रेड अलर्ट भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया और आतंकियों ...और पढ़ें

HighLights
- डीजीपी ने फील्ड इकाइयों के अधिकारियों को दिया सतर्कता का निर्देश
- प्रमुख प्रतिष्ठानों के सुरक्षा प्रबंधों को लेकर बरती जाएगी पूरी सावधानी
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : भारतीय सेना के पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित कर सुरक्षा प्रबंधों को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने आंतरिक सुरक्षा प्रबंधों को लेकर पूरी सावधानी बरतने को कहा है। घुसपैठियों को लेकर चल रही जांच को आगे बढ़ाने के साथ ही संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश भी दिया गया है। पुलिस पूरी तरह सतर्क व संसाधनों से लैस है।
भारतीय सेना के पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के बाद उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। पहलगाम में आतंकी हमले का जवाब देते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया और आतंकियों के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है।
भारत की सेना ने पाकिस्तान और पीओके के अंदर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इसमें आतंकी सरगना हाफिज सईद और मसूद अजहर के ठिकाने शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार भारत ने मुजफ्फराबाद, बहावलपुर, मुरीदके, सियालकोट, कोटली, बाघ, गुलपुर, भिंबेर और शकरगढ़ में आतंक के ठिकानों को निशाना बनाया है।
डीजीपी ने पुलिस की सभी फील्ड इकाइयों को केंद्रीय बलों से समन्वय बनाकर चेकिंग बढ़ाने व प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा-व्यवस्था और मजबूत किए जाने, नेपाल सीमा से सटे जिलों में एसएसबी के सहयोग से चेकिंग बढ़ाने के साथ ही नेपाल के रास्ते आने वालों पर कड़ी नजर रखने को कहा है।
यूपी पुलिस की सभी फील्ड इकाइयों को रक्षा बलों से समन्वय स्थापित करने एवं महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। यूपी पुलिस सतर्क है, संसाधनों से लैस है और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 14 बिंदुओं को लेकर जारी निर्देशों में आंतरिक सुरक्षा योजना के तहत माक ड्रिल कराए जाने व उसमें सभी सुरक्षा इकाइयों की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने, सभी पुलिस परिसरों में भी सुरक्षा बढ़ाए जाने व सभी संसाधनों का आडिट कराए जाने के साथ ही पुलिस वेबसाइट व सर्वर के साथ साइबर सुरक्षा बढ़ाए जाने का निर्देश दिया है।
कहा है कि महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में प्रवेश से पूर्व चेकिंग बढ़ाई जाए। पहचान पत्रों की जांच व सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। रेलवे पुलों व ट्रैक सुरक्षा, सभी मूवमेंट को गोपनीय रखे जाने, तेल पाइपलाइन, संचार टावर व ओएफसी केबल लाइनों, बिजली सब-स्टेशन व ताप विद्युत संयंत्र की अतिरिक्त सुरक्षा किए जाने का निर्देश भी दिया है। सभी हवाई अड्डों के फनल क्षेत्रों की जांच कराए जाने व इंटरनेट मीडिया की निरंतर कड़ी निगरानी समेत अन्य निर्देश दिए गए हैं।
- जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद से ही प्रदेश में बांग्लादेशी व रोहिंग्या के विरुद्ध भी अभियान चलाया जा रहा है
- प्रदेश में बड़ी संख्या में घुसपैठिये अलग-अलग जिलों में रह रहे हैं
- इन्हें विदेशी फंडिंग के तथ्य भी सामने आ चुके हैं
- घुसपैठियों के विभिन्न आतंकी संगठनों व आइएसआइ के स्लीपिंग माड्यूल होने का भी संदेह है
छानबीन भी तेज की गई है। खुफिया विभाग व मिलिट्री इंटेलीजेंस भी इसे लेकर सतर्क है और छानबीन कर रही है। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ, कानपुर, सहारनपुर, अलीगढ़, रामपुर, मेरठ, संभल, गाजियाबाद समेत अन्य संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। एटीएस व एसटीएफ को पूर्व में सक्रिय रहे संदिग्धों पर भी कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
