यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने आया युवक गिरफ्तार, बनवाए थे दो-दो आधार कार्ड... बायोमेट्रिक में पता चल गई असलियत
उत्तर प्रदेश के आगरा में आयोजित पुलिस भर्ती आरक्षी परीक्षा में शामिल होने आए युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपनी उम्र कम करने के लिए दोबा ...और पढ़ें

HighLights
- आयु कम करने को नाम बदल दोबारा किया था इंटरमीडिएट
- आधार कार्ड में अपना और पिता का बदल दिया था नाम
जागरण संवाददाता, आगरा। पुलिस भर्ती आरक्षी परीक्षा में शामिल होने के लिए सादाबाद हाथरस के विवेक उर्फ विमल कुमार ने पूरी तैयारी की थी, मगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को चकमा नहीं दे सका। शाहगंज के साकेत विद्यापीठ इंटर कॉलेज केंद्र में पहली पाली में परीक्षा देने आया था।
परीक्षा कक्ष में टैब से उसका फोटो लेकर एआई की मदद से मिलान किया गया। चेहरे का मिलान होते ही उसके दोबारा नए नाम से हाई स्कूल, बारहवीं और आधार कार्ड बनाने का राज खुल गया। वह वर्ष 2018 में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में विवेक के नाम से शामिल हुआ था।
बायोमेट्रिक और रेटिना एक मिले
गांव विधिपुरा सादाबाद के विवेक पुत्र विजय सिंह को पुलिस ने पहली पाली की परीक्षा के बाद पकड़ा। बायोमेट्रिक और आंखों की रेटिना से वह पकड़ में आया। विवेक और विमल की बायोमेट्रिक और रेटिना एक थे।
विवेक ने पुलिस को बताया कि उसकी वास्तविक जन्मतिथि पांच जुलाई 1995 है। वर्ष 2011 में बिसावर सादाबाद से उसने एचपी इंटर कॉलेज से हाई स्कूल और वर्ष 2014 में रोशनलाल इंटर कॉलेज से बारहवीं की थी।
2018 की भर्ती में हो गया था फेल
वर्ष 2018 में पुलिस भर्ती परीक्षा में असफल होने पर उसकी उम्र अधिक हो गई थी। भर्ती में शामिल होने के लिए उसने विमल कुमार पुत्र भूरी सिंह के नाम से वर्ष 2018 में राया मथुरा के जेबीआईसी इंटर कॉलेज से दोबारा हाईस्कूल और इंटर किया, जिसमें अपनी आयु पांच दिसंबर 2001 दर्शाई। आधार कार्ड भी इसी नाम से बनवाया था।
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पकड़े जाने के डर से परीक्षा देने नहीं आए अभ्यर्थी
शहर में 27 केंद्रों पर आयोजित पुलिस भर्ती आरक्षी परीक्षा के पहले दिन 8,322 अभ्यर्थी शामिल नहीं हुए। आशंका जताई जा रही है कि इनमें बड़ी संख्या में वह अभ्यर्थी शामिल हैं, जो पुलिस के हाईटेक त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्रव्यूह को नहीं भेद पाने और पकड़े जाने के डर से परीक्षा देने नहीं आए।
मंगलसूत्र, कंगन, कुंडल उतरवाए
केंद्रों पर चेकिंग के दौरान महिलाओं के मंगलसूत्र, कंगन, कुंडल और युवकों के जूते-मोजे व बेल्ट तक उतरवा लिए गए थे। परीक्षा केंद्रों 840 सीसीटीवी लगाए हैं। पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम से केंद्रों और कक्ष में परीक्षा देते अभ्यर्थियों पर नजर रखी गई।
डीसीपी मुख्यालय सैयद अली अब्बास ने बताया पहली पाली में 11,760 की जगह 7,450 ने परीक्षा दी और 4310 ने छोड़ दी, जबकि दूसरी पाली में 7,748 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी,4012 अनुपस्थित रहे। कुल 15,198 ने अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।