आगरा के निजी अस्पतालों का चौंकाने वाला सच: आईसीयू में डॉक्टर नहीं, ऑपरेशन थिएटर में गंदगी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आगरा में 140 निजी अस्पतालों के निरीक्षण में 85 (60%) मानकों पर खरे नहीं उतरे। आईसीयू में ...और पढ़ें

एक हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर की जांच करती टीम।
जागरण संवाददाता, आगरा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंख मूंद कर किए गए अस्पतालों के पंजीकरण की हकीकत जांच में सामने आने लगी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 496 निजी अस्पतालों में से पहले चरण में 140 अस्पतालों का निरीक्षण किया। टीम को गहन चिकिक्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती मरीजों का इलाज करने वाले डाक्टर नहीं मिले। आपरेशन थिएटर, वार्ड में गंदगी मिली, अप्रशिक्षित स्टाफ मिला।
जांच में 60 प्रतिशत अस्पताल मानकों में फेल मिलने पर नोटिस दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अप्रैल में अस्पतालों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी, आनलाइन आवेदन करने पर 496 अस्पतालों सहित 1241 निजी क्लीनिक, पैथोलाजी लैब और रेडियोडायग्नोस्टिक सेंटर का पंजीकरण किया गया है। सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि पांच टीमों ने 140 अस्पतालों का निरीक्षण किया।
इसमें से 85 अस्पतालों (60 प्रतिशत) में मानक पूरे नहीं मिले। अस्पतालों के आइसीयू में निरीक्षण के दौरान डाक्टर नहीं मिले जबकि गंभीर मरीज भर्ती थे। कई अस्पतालों में आइसीयू में बीएएमएस डिग्री धारक मिले जबकि आयुर्वेदिक चिकित्सक एलोपैथिक पद्धति से इलाज नहीं कर सके हैं। अप्रशिक्षित स्टाफ मिला, अस्पताल संचालक पंजीकरण के दस्तावेज नहीं दिखा सके।
अस्पताल में पीले रंग के बोर्ड पर पंजीकरण, डाक्टर, सुविधाएं और चार्ज नहीं लिखा हुआ था। आपरेशन थिएटर में गंदगी और अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट फैला हुआ था। अग्निशमन विभाग, नगर निगम, एडीए और आवास विकास परिषद की एनओसी नहीं मिली। आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं मिले। 85 अस्पतालों को नोटिस दिया गया है।
मरीज भर्ती करने पर रोक के साथ पंजीकरण होगा निरस्त
सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल संचालकों के पंजीकरण का संतोषजनक जवाब ना देने पर टीम दोबारा जांच करेगी। इसके बाद एक और मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी मानक पूरे नहीं किए जाते हैं तो मरीज भर्ती करने पर रोक लगाई जाएगी। इसके साथ ही पंजीकरण निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सेमी बेसमेंट में चलता मिला अस्पताल, कंपाउंडर ही कर रहे इलाज
सुबह और शाम के समय अस्पताल का निरीक्षण करने में अस्पताल में डाक्टर नहीं मिले। कंपाउंडर, संचालक अस्पताल में मिले, डाक्टर के न होने पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कई अस्पताल में डाक्टर ने आपरेशन किया इसके बाद नर्स ही इलाज करतीं रहीं। वहीं, एक अस्पताल सेमी बेसमेंट में चलता मिला।
25 अस्पतालों के पंजीकरण पर लगी रोक
स्वास्थ्य विभाग ने 25 अस्पतालों के पंजीकरण पर रोक लगा दी है, ये अस्पताल आवास विकास परिषद, आगरा विकास प्राधिकरण की आवासीय कालोनी में संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों के पंजीकरण के लिए शासन से दिशा निर्देश मांगे गए हैं।
अस्पतालों के लिए मानक
- बोर्ड पर अस्पताल के इंचार्ज डाक्टर का नाम और मोबाइल नंबर, संचालक का ब्योरा, अस्पताल में दी जाने वाली चिकित्सकीय सेवाएं, ऑन काॅल डाक्टर, प्रमुख इलाज के चार्ज।
- आइसीयू में 24 घंटे डाक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता बेड के अनुसार मानिटर सहित अन्य सुविधाएं।
- अग्निशमन विभाग, बायोमेडिकल वेस्ट के निरस्तारण के लिए एनओसी।
