आगरा में जमीन विवाद: डेढ़ बीघा बैनामे के बाद ही हुआ गर्भवती प्रीति का अंतिम संस्कार
गर्भवती प्रीति की मौत के बाद मायके पक्ष ने अंतिम संस्कार रोक दिया और बेटे के नाम जमीन की मांग की।

HighLights
गर्भवती प्रीति की मौत के बाद अंतिम संस्कार रोका गया।
मायके पक्ष ने बेटे के नाम जमीन की मांग की थी।
डेढ़ बीघा जमीन के बैनामे पर बनी सहमति।
जागरण संवाददाता, आगरा। फतेहाबाद क्षेत्र के गांव राजापुरा में गर्भवती की उपचार के दौरान मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर शुक्रवार रात से शनिवार तक विवाद की स्थिति बनी रही।
मृतका के मायके पक्ष ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया और उसके ढाई वर्षीय बेटे के नाम जमीन का बैनामा कराने की मांग को लेकर ससुराल पक्ष पर दबाव बनाया। तहसील में हुई बातचीत के बाद डेढ़ बीघा जमीन का बैनामा कराने पर सहमति बनी। इसके बाद ही मृतका का अंतिम संस्कार किया गया।
राजापुरा निवासी सूरज की 24 वर्षीय पत्नी प्रीति गर्भवती थी। उसके पेट में करीब साढ़े आठ माह का बच्चा था। परिजनों के अनुसार, प्रीति के शरीर में खून की कमी और इंफेक्शन की समस्या थी। हालत बिगड़ने पर पहले उसका उपचार फतेहाबाद में कराया गया।
बाद में उसे आगरा ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे उसकी मौत हो गई। प्रीति की मौत की जानकारी मिलने पर उसके पिता रज्जो निवासी नेतापुरा, दिहौली, धौलपुर (राजस्थान) समेत मायके पक्ष के लोग राजापुरा पहुंच गए। मायके पक्ष ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया और मृतका के ढाई वर्षीय बेटे सार्थक के नाम जमीन का बैनामा कराने की मांग रख दी।
मामला बढ़ने पर ससुराल पक्ष के लोग तहसील फतेहाबाद पहुंचे। बताया गया कि उन्होंने सार्थक के नाम एक बीघा जमीन का बैनामा करने पर सहमति दे दी, लेकिन मायके पक्ष ने डेढ़ बीघा जमीन का बैनामा कराने की मांग शुरू कर दी। इसको लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और हंगामा हो गया।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद ससुराल पक्ष द्वारा डेढ़ बीघा जमीन का बैनामा कराने पर सहमति बनी। इसके बाद मायके पक्ष के लोग अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। सहमति बनने के बाद प्रीति का अंतिम संस्कार कराया गया।
