Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अनूठी चोरी, हाईमास्ट लाइटों की लाइन से रोशन था ढाबा; टोल की अंडरग्राउंड केबल और जेनरेटर में सेंधमारी

    By Munna Lal Sharma Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Wed, 01 Jul 2026 02:20 PM (GMT+05:30)

    फतेहाबाद में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा से एक ढाबे तक हाईमास्ट लाइटों की अंडरग्राउंड बिजली लाइन काटकर अवैध कनेक्शन का खुलासा हुआ है। टोल कर्मचार ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

    सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

    HighLights

    1. अंडरग्राउंड केबल काटकर टोल की बिजली का उपयोग।

    2. टोल कंपनी को जनरेटर डीजल में लाखों का नुकसान।

    संवाद सूत्र, फतेहाबाद (आगरा)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा से अंडरग्राउंड बिजली लाइन काटकर एक ढाबे तक अवैध कनेक्शन पहुंचाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हाईमास्ट लाइटों के लिए बिछाई गई भूमिगत केबल में कट लगाकर लंबे समय से ढाबे में बिजली का उपयोग किया जा रहा था।

    चोरी का खुलासा उस समय हुआ, जब टोल की बिजली आपूर्ति बंद और चालू होने के साथ ही ढाबे पर भी यही हो रहा था। प्रारंभिक जांच में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

    सोमवार रात टोल कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति में तकनीकी समस्या आने पर जांच शुरू की। इसी दौरान उनकी नजर पास के ढाबे पर पड़ी, जहां टोल की सप्लाई बंद होने के बावजूद बिजली जल रही थी। संदेह होने पर कर्मचारियों ने कई बार टोल की मुख्य बिजली लाइन बंद और चालू कर परीक्षण किया।

    हर बार टोल की सप्लाई बंद होते ही ढाबे की बिजली भी बंद हो गई और सप्लाई चालू होते ही ढाबे में भी बिजली आ गई। इससे स्पष्ट हो गया कि ढाबे को टोल प्लाजा की बिजली लाइन से ही अवैध रूप से जोड़ा गया था। जांच में सामने आया कि हाईमास्ट लाइटों के लिए बिछाई गई अंडरग्राउंड केबल को काटकर ढाबे तक बिजली पहुंचाई गई थी

    यह लाइन टोल प्लाजा की मुख्य विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ डीजी (जनरेटर) सिस्टम से भी जुड़ी थी। यानी बिजली कटौती के दौरान भी जब टोल का जनरेटर चलता था, तब भी ढाबे को निर्बाध बिजली मिलती रही। इससे टोल प्रबंधन को डीजल और बिजली दोनों मदों में लगातार आर्थिक नुकसान होता रहा।

    खबरें और भी

    टोल प्लाजा का संचालन एक जनवरी 2025 से एसएसडी कंपनी के पास है। टोल मैनेजर प्रमोद धनगर ने बताया कि टोल का जनरेटर प्रति घंटे लगभग 30 लीटर डीजल की खपत करता है। बिजली चोरी के कारण लंबे समय से कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। अवैध केबल को तत्काल हटवा दिया गया है और मामले की लिखित शिकायत चौकी प्रभारी लुहारी देवेंद्र कुमार को सौंप दी गई है।

    प्रमोद धनगर ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी यूपीडा के उच्चाधिकारियों और एसएसडी कंपनी के जीएम को भी दे दी गई है। अधिकारियों ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में लंबे समय से बिजली चोरी की पुष्टि होती है तो नुकसान का आकलन कर उसकी वसूली भी की जाएगी।