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    आगरा में पुलिस से बेटे को छुड़ाने गई मां समेत दो महिलाओं को वाहन ने रौंदा, हादसे में मौत, एत्मादपुर में हुई घटना

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 11:16 PM (IST)

    पुलिस हिरासत से बेटे को छुड़ाने जा रही मां और मकान मालकिन को आगरा के एत्मादपुर में वाहन ने रौंद दिया। हादसे में मकान मालकिन की मौके पर मौत हो गई, जबकि ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. बेटे को छुड़ाने जा रही मां-मकान मालकिन को वाहन ने रौंदा।

    2. मकान मालकिन की मौके पर मौत, मां की उपचार के दौरान मृत्यु।

    3. बेटे ने पुलिस पर मारपीट और अप्राकृतिक कृत्य के आरोप लगाए।

    जागरण संवाददाता, आगरा। एत्मादपुर में सोमवार की रात पुलिस द्वारा पकडे गए आटो चालक बेटे को छुड़ाने आ रही मां और मकान मालकिन को हाईवे पर वाहन ने रौंद दिया। सड़क दुर्घटना में मकान मालकिन की मौके पर मौत हो गई। मां ने मंगलवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मां की मौत से आहत पुत्र ने एत्मादपुर पुलिस को कठघरे में खड़ा किया है। पुत्र का आरोप है कि उसे बिना किसी अपराध के हिरासत में लेकर पीटा गया। वहीं, पुलिस ने पिटाई के आरोपों से इंकार किया है।

    शाहदरा निवासी कपिल रावत आटो चालक है। वह सोमवार की रात अपने मित्र गुलफाम के साथ दो सवारियों को छोड़ने जा रहा था। कुबेरपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर पुलिस ने आटो को रोका तो उसमें सवार दोनों युवक कूदकर भाग गए। पुलिसकर्मी ने युवकों का पीछा किया, इस दौरान वह आटो के साथ वहीं खड़ा रहा। पीछा करने के दौरान एक पुलिसकर्मी गिरकर घायल हो गया।

    युवक हाथ नहीं आने पर पुलिसकर्मियों ने उस पर आरोप लगाए कि दोनों सवारी गांजा पी रही थीं। पुलिस उसे और गुलफाम को पकड़कर छलेसर चौकी पर ले आई। जबकि यह सफाई देता रहा कि उसकी कोई गलती नहीं है। उसे नहीं पता था कि सवारियां गांजा पी रही हैं।

    कपिल रावत का क्या है आरोप?

    कपिल रावत का आरोप है कि चौकी पर उसे और गुुलफाम को पुलिस ने पीटा। दोनों से अप्राकृतिक कृत्य कराया। उसने पकड़े जाने की सूचना मां सुनीता शर्मा को फोन करके दे दी थी। इधर, मां सुनीता सोमवार देर रात अपनी मकान मालकिन सिया देवी के साथ उसे छुड़ाने के लिए छलेसर पुलिस चौकी आ रही थीं। सडक पार करते समय अज्ञात वाहन ने दोनों को रौंद दिया।

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    मकान मालकिन सिया देवी की मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने मां को गंभीर हालत में एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। मां ने पुलिस को बताया कि वह छलेसर चौकी में बंद बेटे कपिल रावत को छुड़ाने जा रही थीं। जिसके बाद पुलिस ने सोमवार देर रात उसे और गुलफाम को मुचलके पर रिहा कर दिया।

    मंगलवार की सुबह मां सुनीता शर्मा की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। वहीं, मामले में इंस्पेक्टर आलोक कुमार सिंह ने बताया कि कपिल रावत द्वारा मारपीट और अप्राकृतिक का आरोप निराधार है। हादसे में घायल सुनीता शर्मा को पुलिस ने एसएन में भर्ती कराया था। मां ने ही बताया कि वह मकान मालकिन सिया के साथ बेटे को छुड़ाने के लिए पुलिस चौकी आ रही थीं।

    जिस पर पुलिस ने घायल सुनीता शर्मा का फोटो कपिल राजपूत को दिखाकर इसकी पुष्टि की। पुलिस ने हादसे की जानकारी के बाद मानवता के आधार पर रात करीब पौने दो बजे युवकों को मुचलके पर छोड़ दिया। मामले में अज्ञात वाहन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। कपिल रावत द्वारा पुलिस को अपनी मां की मौत का जिम्मेदार ठहराने और पिटाई के आरोप वाला वीडियो बुधवार को इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो गया।

    जवाब मांगते सवाल

    -कपिल और गुलफाम आपस में मित्र हैं। पुलिस को उनसे शांति भंग की आशंका कैसे हो सकती है, जिसके लिए उनका चालान किया गया?
    -आटो में बैठी दोनों सवारियां कूदकर भाग गईं, लेकिन कपिल रावत और गुलफाम वहां खड़े रहे थे। पुलिस युवकों को नहीं पकड़ सकी तो उसमें उनका क्या दोष था?
    -यदि कपिल रावत के विरुद्ध कोई मामला नहीं था तो पुलिस ने उसे चौकी पर क्यों बैठाए रखा?

     

    मामला संज्ञान में आने पर गुलफाम और कपिल रावत से आरोपों की सत्यता जानने के लिए बात की गई है। गुलाफाम ने किसी तरह के आरोपों से इंकार किया है। चहीं, कपिल का कहना है कि आटो से कूदकर भागे युवकों का पीछा करते समय एक सिपाही गिरकर घायल हो गया था। उसने पूछताछ के दौरान दोनों को चांटा मारा था। अप्राकृतिक कृत्य की बात से दोनों ने इंकार किया है। मामले की जांच की जा रही है। -देवेश सिंह, एसीपी एत्मादपुर