यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Agra News: फेसबुक लाइव करने वाली शिक्षिका की बढ़ी मुश्किल, बच्चाें ने की थी डीएम आगरा से अपील
Agra News एक अभिभावक ने बेटी का नाम लेकर फेसबुक लाइव पर बदनाम करने का लगाया आरोप। इस कारण उनकी बेटी ने विद्यालय जाना छोड़ दिया है। मामले में बाल कल्या ...और पढ़ें

आगरा, जागरण संवाददाता। सीडीओ ए. मनिकंडन से हुई नोकझोंक का फेसबुक लाइव करने वाली दिव्यांग शिक्षिका की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इस मामले में निलंबन के बाद अब उनके खिलाफ एक अभिभावक ने उन पर इंटरनेट मीडिया के माध्यम से बेटी को बदनाम करने की शिकायत की है। उनकी शिकायत पर बाल कल्याण समिति ने उन्हें नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने आदेश दिए हैं।
बाल कल्याण समिति ने यह नोटिस एक अभिभावक की शिकायत पर भेजा है, अभिभावक का आरोप है कि नगला अजीता स्थित कंपोजिट विद्यालय की शिक्षिका अलका पालीवाल स्कूल में बैठकर फेसबुक लाइव करती हैं। उन्होंने उनकी बेटी का नाम लेकर फेसबुक लाइव किया और झूठा आरोप लगाते हुए उसे सार्वजनिक रूप से बदनाम किया। इस कारण उनकी बेटी ने विद्यालय जाना छोड़ दिया है। पिता की शिकायत पर बाल कल्याण समिति ने दिव्यांग शिक्षिका को बाल न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश जारी किए हैं।
पुराना है विवाद
उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या जगदीशपुरा और प्राचीन प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुरा पहले जगदीशपुरा में किराए के भवन में संचालित था। उस दौरान भी दोनों विद्यालयों की शिक्षिकाओं में विवाद की स्थिति थी। दोनों एक दूसरे पर तरह-तरह के आरोप लगाती थीं।
खुले में संचालित विद्यालय की स्थिति देखकर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने इसे नगला अजीता स्थित प्राथमिक विद्यालय में कंपोजिट के रूप में मर्ज कर दिया। इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। अब विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक के साथ दिव्यांग शिक्षिका और पांच शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें एक शिक्षामित्र दिव्यांग शिक्षिका के साथ, जबकि शेष इंचार्ज प्रधानाध्यापक के साथ हैं।
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विद्यार्थियों में भी खिंचे पाले
शिक्षिकाओं के बीच गुटबाजी की स्थिति है, तो विद्यार्थी भी अलग-अलग गुटों में बंटे नजर आते हैं और अपनी पसंद की शिक्षिका के पक्ष और दूसरी शिक्षिका के विरोध में बयान देते नजर आते हैं। उन पर तमाम आरोप लगाने से भी नहीं चूकते।
सख्त कदम उठाने की जरूरत
विद्यालय की वर्तमान स्थिति विस्फोटक कही जा सकती है क्योंकि दोनों शिक्षिकाएं अपनी पसंदीदा विद्यार्थियों को लेकर अलग-अलग कक्षाएं संचालित करती हैं। हालांकि पढ़ाई भले ही हो रही हो, लेकिन जिस तरह से वहां विवादित बयानों का स्थिति रहती है, उससे वहां कभी भी हालत बिगड़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।