यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब आगरा से भरिए इन शहरों के लिए उड़ान, रोजाना है हवाई सेवा, पर्यटकों को भा रहा है फ्लाइट शेड्यूल, रोजना ग्रुप में पहुंच रहे
Religious Tourism दिल्ली-आगरा-जयपुर संग अब अयोध्या-वाराणसी-प्रयागराज। आगरा से प्रतिदिन जा रहे हैं ग्रुप पर्यटकों को भा रहा धार्मिक पर्यटन। लखनऊ होते ह ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, आगरा। गोल्डन ट्रायंगल दिल्ली-आगरा-जयपुर में अब उप्र में नए पर्यटन स्थलाें के विकसित होने से नए रंग जुड़ रहे हैं। गोल्डन ट्रायंगल संग पर्यटक अब जयपुर-आगरा-लखनऊ होते हुए अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज का रुख कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में बढ़ते धार्मिक पर्यटन का यह असर है। इससे पर्यटन कारोबारियों को भी नए अवसर मिल रहे हैं।
आगरा में ताजमहल देखने जरूर आते हैं सैलानी
आगरा गोल्डन ट्रायंगल का प्रमुख शहर है। दिल्ली से जयपुर और जयपुर से दिल्ली जाने वाले पर्यटक आगरा में ताजमहल देखने अवश्य आते हैं। लखनऊ में अच्छे पर्यटन आकर्षणों की कमी है। इसके चलते यह विदेशी पर्यटकों के भ्रमण कार्यक्रम (आइटनरी) में शामिल नहीं होता था।
बीते कुछ वर्षों में उप्र का परिदृश्य बदला है। वाराणसी में काशी विश्वनाथ कारिडोर का निर्माण होने और अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण शुरू होने के बाद वहां जाने वाले भारतीय पर्यटकों के साथ ही विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। प्रयागराज पहले से ही विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है।
पहले दो माह में एक या दो पर्यटकों के ग्रुप आगरा से लखनऊ के लिए जाते थे। प्रयागराज, वाराणसी व अयोध्या के बढ़ते क्रेज के चलते अब प्रतिदिन ग्रुप आगरा से लखनऊ जा रहे हैं। यहां से वह सड़क मार्ग से जाते हैं और इन शहरों में भ्रमण कर वाराणसी से हवाई जहाज पकड़ते हैं। -सुनील गुप्ता, चेयरमैन नोर्दन रीजन, इंडियन एसोसिएशन आफ टूर आपरेटर
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पहले जो पर्यटक केवल वाराणसी तक जाते थे, अब उनमें से तीन चौथाई अयोध्या व प्रयागराज भी जा रहे हैं। पर्यटकों की संख्या में चार से पांच गुणा तक वृद्धि हुई है। धार्मिक स्थलों की सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी बेहतर होने और सुविधाओं के विकास से धार्मिक पर्यटन बढ़ा है। -राजीव सक्सेना, अध्यक्ष टूरिज्म गिल्ड आफ आगरा