यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP News: आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे ARTO आगरा ललित कुमार, सेलरी से कई गुना अधिक खर्च किया पैसा
आरटीओ कार्यालय कानपुर में संभागीय निरीक्षक रहते हुए जांच। वैध स्रोतों से अर्जित आय से 73.6 प्रतिशत पाया गया खर्चा। आगरा से पहले एआरटीओ प्रवर्तन द्विती ...और पढ़ें

HighLights
- सेलरी लिया एकाउंट में 93 लाख, खर्चा दिया 1 करोड़ 62 लाख रुपये
- आगरा में पिछले दो सालों से तैनात हैं ललित कुमार
जागरण संवाददाता, आगरा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ प्रवर्तन) द्वितीय ललित कुमार आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी पाए गए हैं। परिवहन आयुक्त ने आय से अधिक संपत्ति मामले में उनके विरुद्ध जांच करने की अनुमति प्रदान की थी। विभिन्न वैध स्रोतों से 73.6 प्रतिशत अधिक खर्चा पाया गया है, जिसके संबंध में वे कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके हैं। वे आगरा में लगभग पिछले दो साल से एआरटीओ के पद पर तैनात हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन द्वितीय ललित कुमार आगरा में तैनाती से पहले आरटीओ कार्यालय कानपुर में संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) के पद पर तैनात थे। इस दौरान उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति मामले में शिकायत हुई। परिवहन आयुक्त उप्र लखनऊ ने 11 सितंबर 2020 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन को आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच कराए जाने की अनुमति प्रदान की।
कानपुर में ही शुरू हो चुकी थी जांच
तत्कालीन संभागीय निरीक्षक आरटीओ कार्यालय कानपुर में कार्यरत रहते हुए उनके विरुद्ध जांच शुरू हुई। जांच में समस्त वैध स्रोतों से कुल 93,26,868 रुपये आय अर्जित पाई गई। इसी अवधि में इनके द्वारा चल व अचल परिसंपत्तियों के अर्जन एवं भरण पोषण आदि मदों पर कुल व्यय 1,61,93065 रुपये पाया गया। इस प्रकार वैध स्रोतों से अर्जित संपत्ति से 68,66,197 रुपये अधिक व्यय पाया गया।
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नहीं किया कॉल रिसीव
आय से 73.6 प्रतिशत अधिक व्यय है। इस संबंध में एआरटीओ प्रवर्तन ललित कुमार कोई स्पष्टीकरण नहीं दे पाए। लोकसभा चुनाव के दौरान से ही वे छुट्टी पर चल रहे हैं। उनके विरुद्ध कार्रवाई के बाद से कार्यालय में तरह तरह की चर्चाएं हैं। एआरटीओ का पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।