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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP News: बहू की आदत और सास के तानों से छह महीने में तलाक की आ गई नौबत, इस शर्त पर सुलझी दोनों की लड़ाई

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
    Updated: Mon, 04 Sep 2023 01:03 PM (IST)

    Agra News In Hindi Today विवाहिता ने पति और सास पर मानसिक उत्पीड़न दहेज के लिए परेशान करने और तलाक की धमकी देने का आरोप लगाया। कांउसलर ने पति और सास स ...और पढ़ें

    Agra News: बहू गुटखा खाकर सास से बोली जाने भी दो यार, तलाक तक पहुंच गई बात
    Agra News: बहू गुटखा खाकर सास से बोली जाने भी दो यार, तलाक तक पहुंच गई बात

    HighLights

    1. सुलह के लिए रखी गुटखा छोड़ने की शर्त, सास को नहीं बोलेगी यार
    2. बहू गुटखा खाती है, सिंक में पीक मार देती है

    आगरा, जागरण संवाददाता। बहू गुटखा खाती है, सिंक में पीक मार देती है। सास एतराज करे को जाने भी दो यार बोलती है। सम्मान की जगह बहू के मुंह से यार कहना सास को अखर गया। पति को भी पत्नी को गुटखा खाकर घर में जगह-जगह पीक मारना बुरा लगने लगा।

    कई बार समझाने पर भी बात नहीं बनी तो मामला तलाक तक पहुंच गया। बहू पुलिस के पास पहुंची तो पूरा मामला सामने आया। पति-पत्नी को अगली तारीख पर बुलाया गया है। रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में विवाहिता और उसके ससुराल वाले पहुंचे। 

    गुटखा की पीक सिंक में मार देती है बहू

    शादी के बाद पता चला कि वह गुटखा खाती है। शादी से कमरे में जगह-जगह गुटखा की पीक मिलने लगी। टोकने पर वह रसोई के सिंक में जाकर पीक मारने लगी।वहीं, सास ने बताया कि बहू उसे सम्मान से नहीं बुलाती है। हर बात में उसे यार कहकर बुलाती है। गुटखा खाने पर टोकाे कहती है जाने भी दो यार। कई बार बाहर वालों के सामने इस तरह बोल दिया।

    इन परिस्थितियों में वह बहू काे अपने पास नहीं रख सकते। वह गुटखा खाना और सास को यार बोलना छोड़े, तभी बात बन सकती है। जबकि बहू का कहना था कि वह मां को भी इसी तरह बुलाती है। सास को भी वह मां की तरह ही बुलाती है। काउंसलर ने विवाद को सुलझाने के लिए दंपती को अगली तारीख दी है।

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    रक्षाबंधन पर 15 मिनट देर से पहुंचा दामाद, बिगड़ गई बात

    फाैजी ससुर के सामने दामाद को लेटलतीफी महंगी पड़ गई। समय के पाबंद ससुर ने दामाद को रक्षाबंधन पर साढ़े तीन बजे घर पर बुलाया था। दामाद जाम में फंसने के चलते 15 मिनट लेट पत्नी काे उसके मायके लेकर पहुंचा। इससे नाराज ससुर ने बेटी को उसके साथ भेजने से मना कर दिया। मामला पुलिस तक पहुंच गया।

    फाैजी ससुर का कहना था कि जो दामाद समय को पाबंद नहीं है, वह बेटी को कैसे खुश रख सकता है। काउंसलर के समझाने पर फौजी ससुर बेटी को दामाद के साथ भेजने काे तैयार हुआ। रविवार काे काउंसलिंग के बाद आठ जोड़ों में सुलह हो गई।