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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Cyber Crime In Agra: साइबर ठगों ने दवा कारोबारी को ई-सिम एक्टिवेट कर ठगा, दो खातों से उड़ाए 25 लाख रुपये

    Updated: Sat, 20 Jul 2024 12:49 PM (IST)

    Cyber Fraud Case In Agra Update News साइबर ठग अब लोगों के फोन हैक कर ई-सिम एक्टिवेट कर ठगी कर रहे हैं। कुछ ही देर में मोबाइल का सारा डाटा साइबर ठग अपन ...और पढ़ें

    Agra Crime News: साइबर क्राइम की सांकेतिक तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है।
    Agra Crime News: साइबर क्राइम की सांकेतिक तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है।

    HighLights

    1. दवा कारोबारी के आईफोन के सिग्नल आने बंद हुए थे, उन्होंने दो दिन बाद एक्टिवेट कराई ई-सिम
    2. मैसेज आने पर लगा 25 लाख रुपये की ठगी का पता, साइबर सेल छानबीन में जुटी

    जागरण संवाददाता, आगरा। Agra Crime News: अगर आप भी ई-सिम का इस्तेमाल करते हैं तो और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। साइबर ठगी का शिकार आगरा के दवा व्यापारी हुआ है। ठगों ने उनके दो बैंक खातों से 25 लाख पांच हजार रुपये निकाल लिए हैं। साइबर सेल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कर रही है।

    ताजगंज के शंकर ग्रींस कॉलोनी निवासी हिमांशु गुप्ता पिता संजय के साथ कोतवाली क्षेत्र में संजय फॉर्मा नामक दवा की फर्म संचालित करते हैं। बैंकिंग का सारा काम वो ही देखते हैं। हिमांशु ने बताया कि 13 जुलाई की शाम सात बजे अचानक उनके आईफोन मोबाइल के नेटवर्क टावर आना बंद हो गए।

    14 जुलाई को रविवार होने के कारण 15 जुलाई को उन्होंने नई सिम इश्यू करवाई। 16 जुलाई को उनके मोबाइल पर बैंक के संदेश आए तो जानकारी हुई कि उनके साथ साइबर ठगी हो गई है।

    ठगों ने की ऑनलाइन खरीदारी

    ठगों ने उनके बंधन बैंक और एक्सिस बैंक के खातों से कई कंपनियों से ऑनलाइन खरीदारी की और कई खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई है। खाते से 25 लाख पांच हजार से अधिक रुपये निकाल लिए गए हैं। उन्होंने साइबर सेल पुलिस को शिकायत की है। पुलिस एनसीआर दर्ज कर रकम को होल्ड करवाने का प्रयास कर रही है। आरोपित की तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।

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    ई-सिम एक्टिवेट कर ठगा

    हिमाशु ने बताया कि जानकारी करने पर एयरटेल के उपभोक्ता सहायता नंबर पर जानकारी मिली कि 13 जुलाई को कंपनी के ऐप के माध्यम से उनके नंबर की ई-सिम एक्टिवेट की गई थी। इसी कारण उनकी सिम बंद हो गई थी। शातिर दो दिन तक उनके खातों से रकम निकालते रहे पर जानकारी नहीं हुई।

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    ऐसे होता है ई-सिम का इस्तेमाल, साइबर एक्सपर्ट ने दी जानकारी

    साइबर एक्सपर्ट अभिषेक गुप्ता ने बताया...

    • ई-सिम साफ्टवेयर की तरह इस्तेमाल होती है।
    • ई-सिम शुरू करने के बाद मोबाइल में सिर्फ एपलिकेशन डाउनलोड करनी होती है और सारा डाटा, कॉल करने और रिसीव करने के साथ संदेश और उस सिम से पूर्व में इस्तेमाल की जा रही सभी मोबाइल ऐप की जानकारी कर उन्हें चलाया जा सकता है।
    • हैकर बहाने से फोन हैक कर कांटेक्ट को हैक करते हैं। बहाने से क्यूआर कोड लेकर ई-सिम एक्टिवेट कर लेते हैं। इसके बाद बैंक की ऐप से ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से खाते खाली कर देते हैं। 

    साइबर एक्सपर्ट अभिषेक गुप्ता का कहना है कि ई-सिम का इस्तेमाल चुनिंदा मोबाइल जैसे आई फोन आदि में ही होता है। इसमें कंपनी के ऐप के माध्यम से व्यक्ति अपनी ई-सिम बना लेते है। यह एक तरह सॉफ्टवेयर की तरह इस्तेमाल होती है।