यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Agra News: मायका-मोबाइल करा रहे पति-पत्नी में रार, बिगाड़ रहे गृहस्थी, सामने आए परिवार बिगड़ने के प्रमुख कारण
Agra News In Hindi Today महिला थाने में इस वर्ष एक जनवरी से 31 जुलाई के दौरान 846 मामले दर्ज किए गए। जबकि इतनी ही संख्या में काउंसलिंग की गई। इनमें बड ...और पढ़ें

HighLights
- परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलिंग को पहुंचे 100 से अधिक मामले
- सात महीने में महिला थाने में दर्ज हुए 846 अभियोग
आगरा, जागरण संवाददाता, (अली अब्बास)। मोबाइल और मायके वालों का हस्तक्षेप दंपतियों की गृहस्थी को बिगाड़ रहा है। महिला थाने पहुंचने वाले मामलों में बड़ी संख्या पत्नियों द्वारा मोबाइल पर जरूरत से अधिक बात करना और मायके वालों विशेषकर लड़की की मां बात-बात पर हस्तक्षेप करना है। महिला थाने में आए केस ये उदाहरण दे रहे हैं।
केस एक
शाहगंज के रहने वाले दंपती की शादी को तीन वर्ष हुए थे। पत्नी घर के कामकाज को छोड़ अधिकांश समय मोबाइल पर व्यतीत करने में बिताती थी। आरंभ में पति ने एतराज नहीं किया, उसे लगा कि ससुराल में कुछ समय में सामंजस्य बैठाने और जिममेदारी बढ़ने के बाद मायके में बातचीत खुद कम हो जाएगी। शादी के छह महीने बाद भी जब पत्नी का मोबाइल पर बातचीत करना बंद नहीं हुआ तो पति से रार आरंभ हो गई।
पत्नी से मोबाइल छीन लिया तो वह मायके चली गई। दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस मे शिकायत कर दी। मामला काउंसलिंग में पहुंचने पर रार का सही कारण सामने आया।पत्नी को सशर्त मोबाइल लौटाने पर सुलह हुई। कहा गया कि वह घर के कामकाज पहले निपटाएगी, इसके बाद मोबाइल पर स्वजन से बात करेगी।
केस दो
परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलर के सामने पति-पत्नी दोनों पेश हुए। पत्नी का अारोप था कि पति दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न करता है। उससे मारपीट करता है। पति अपना पक्ष रखने का प्रयास करता तो पत्नी के साथ मां भी बोलने लगती। काउंसलर को लडकी की मां को बाहर भेजना पड़ा। इससे कि दोनों को सामने बैठा उनके बीच की गलतफहमी को दूर किया जा सके।
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बातचीत की तो पता चला कि पति-पत्नी के बीच लड़की की मां का हस्तक्षेप अधिक था। पत्नी जरा-जरा सी बात फाेन पर मां को बताती थी। मां उसे मोबाइल पर दिशा-निर्देश देती रहती थी। इससे पति-पत्नी के बीच सामंजस्य नहीं बैठ पा रहा था। काउंसलर ने लड़की की मां को बुलाकर उसकी काउंसलिंग की। इससे मां को समझ में आया कि उसका जरूरत से अधिक हस्तक्षेप बेटी के घर बिगड़ने का कारण बन रहा है।
काउंसलिंग में सामने आए गृहस्थी बिगड़ने के प्रमुख कारण
पुलिस परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर डा. अमित गौर, डा. वीके सिंह कहते हैं कि दंपतियों में रार और गृहस्थी बिगड़ने में मोबाइल और मायके वालों का हस्तक्षेप भी प्रमुख कारण हैं।
- पत्नी मोबाइल पर दिन भर व्यस्त रहती है। कोई काम बताओ तो ध्यान नहीं देती।मोबाइल में व्यस्तता के कारण सारी दिनचर्या प्रभावित होती है।
- गृहस्थ जीवन में जरा-जरा सी बात पर मायके वाले हस्तक्षेप करते हैं। विशेषकर लड़की की मां का हस्तक्षेप अधिक होता है।
- दंपती के स्वजन के निरंतर हस्तक्षेप के चलते पति-पत्नी के बीच आपसी सामंजस्य नहीं पैदा हो पाता। वह अापस में बैठकर जिन बातों को सुलझा सकते हैं, स्वजन के हस्तक्षेप से वह मामले में सुलझने की जगह उलझ जाते हैं।
- पत्नियों का कहना था कि पति देर रात तक मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। इसके चलते सुबह देर से सोकर उठते हैं। बाजार का कोई काम बताओ तो समय पर नहीं करते।
- पति मोबाइल स्क्रीन को लाक रखते हैं, पासवर्ड बदल देते हैं। यह चीजें दंपती के बीच शक पैदा करती हैं, विवाद का कारण बनती हैं। हालांकि काउंसलिंग में पतियों का तर्क था कि वह बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए ऐसा करते हैं।
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'मोबाइल और मायके वालों का हस्तक्षेप दंपतियों के बीच रार का एक कारण है। इसके अलावा कुछ लड़कियां शादी के बाद पति के साथ अलग रहना चाहती हैं। वहीं कुछ मामलों में पति या पत्नी दोनों के शादी से पहले किसी और प्रेम संबंध का शक भी है।' डेजी पवार महिला थानाध्यक्ष