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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Inside Story: आगरा के चिलर प्लांट में अमोनिया गैस रिसाव से तीन घंटे दहशत में रहे दो गांव के लाेग, घर छोड़कर भागे

    Updated: Wed, 19 Jun 2024 07:28 AM (IST)

    Agra Gas Leakaged Case Update News ग्रामीणों का कहना था कि गैस की गंध गांवों तक पहुंच गई थी। वहीं प्लांट में पंप आपरेटर समेत पांच लोग मौजूद थे। जिसके ...और पढ़ें

    Agra News: गैस रिसाव के बाद दमकल की टीम पहुंची।
    Agra News: गैस रिसाव के बाद दमकल की टीम पहुंची।

    HighLights

    1. आधा किलोमीटर दूर स्थित गांव डाक्टर का पुरा और पोखरिया में दिखा गैस का प्रभाव
    2. प्लांट में आपरेटर समेत मौजूद थे पांच श्रमिक, इसलिए मचा था फंसे होने का हल्ला

    जागरण टीम, आगरा। निबोहरा में मंगलवार की शाम को अमोनिया गैस के रिसाव से आधा किलोमीटर दूर स्थित दो गांव पोखरिया और डाक्टर का पुरा के ग्रामीण तीन घंटे तक दहशत में रहे। 

    गोविंद चिलर प्लांट से आधा किलेामीटर दूरी पर गांव पोखरिया और डाक्टर का पुरा हैं। शाम को सवा सात बजे गैस का रिसाव होने की जानकारी इन गांवों को भी मिली। दोनों गांवों की आबादी 400 से अधिक है। गैस का प्रभाव गांवों तक आने की आशंका पर ग्रामीण घरों से बाहर निकलकर दूर चले गए थे। इससे कि रिसाव तेज होने की स्थिति में प्रभाव उन तक नहीं पहुंचे।

    मौके पर पहुंचे एसीपी फतेहाबाद अमरदीप लाल समेत अन्य पुलिसकर्मियों को तेज रिसाव के चलते वहां रुकना मुश्किल हो रहा था। उन्हें मुंह पर कपड़ा बांधना पड़ा। इसके बावजूद चिलर प्लांट में जाने का साहस नहीं जुटा सके।

    दमकल कर्मियों ने पहुंचकर पानी की बौछार छोड़ी। जिसके बाद वह मास्क पहनकर अंदर गए। तब तक वहां फंसे मानवेंद्र की मृत्यु हो चुकी थी। उनका शव वाल्व के पास मिला। बड़े भाई के चिलर प्लांट में गैस रिसाव की जानकारी पर पिनाहट के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुग्रीव चौहान भी पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि प्लांट करीब एक वर्ष से बंद था। मजदूर मशीन सही करने आए थे।

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    पहले भी हुआ था अमोनिया गैस का रिसाव

    गैस रिसाव की यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व दिसंबर 2017 में फतेहाबाद शमसाबाद रोड पर स्थित घाघपुरा के पास गार्गी कोल्ड स्टोरेज में भी अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। जिसमें कई बीघा आलू की फसल जल गई थी। जिसके मुआवजे की मांग किसानों द्वारा की गई थी। इस समय किसानों की फसल अगर खेतों में खड़ी होती तो जल सकती थी।

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    प्रथम दृष्टया सप्लाई लाइन में रिसाव होना बताया गया है। प्लांट में अमोनिया गैस के रिसाव को लेकर जांच कर इसकी रिपोर्ट प्रशासन को दी जाएगी। देवेंद्र कुमार सिंह मुख्य अग्निशमन अधिकारी

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