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    Makar Sankranti: कब मनाई जाएगी ताजनगरी में मकर संक्रांति? ये रहेगा शुभ मुहुर्त और पुण्यकाल

    Updated: Wed, 14 Jan 2026 09:01 AM (IST)

    आगरा में मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा, क्योंकि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के कारण दोनों दिन पुण्यकाल रहेगा। शहरवासी प ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

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    जागरण संवाददाता, आगरा। मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष 14 जनवरी को मनाए या 15 जनवरी को। इस बात को लेकर संशय की स्थिति है। ऐसे में शहरवासी आशंकाओं को पीछे छोड़कर मकर संक्रांति पर्व दोनों दिन मनाने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ श्रद्धालु 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व विशेष उल्लास और उत्साह के साथ मना रहे हैं, तो कई 15 जनवरी को यह पर्व मनाएंगे।

    शुभ मुहूर्त के अनुसार 14 और 15 जनवरी को मनाएंगे उत्सव

    पंचांग के अनुसार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के कारण 14 और 15 जनवरी, दोनों ही दिन मकर संक्रांति का पुण्यकाल रहेगा। इसी को लेकर शहर में पतंगबाजी, स्नान-दान और धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। गली-मोहल्लों से लेकर कालोनियों और सोसायटियों में पतंग उड़ाने की तैयारी है।

    मंगलवार को भी युवाओं ने पतंग, मांझे व डोर की खरीदारी की। किसी ने चरखी भरवाई तो किसी ने कागज और पॉलीथीन की पतंग खरीदी। सभी मकर संक्रांति पर रंग-बिरंगी पतंगों से आकाश को उत्सवमय बनाने की तैयारियों में जुटे हैं।

    खूब होगा दान पुण्य

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। यमुना नदी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु सुबह से ही यमुना घाटों पर पहुंचेंगे। दान-पुण्य के कार्यों में अन्न, वस्त्र और धन का दान किया जाएगा। शहर के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना और हवन-यज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा। विशेष महत्ता के कारण एक दिन पहले तक तिल, गुड़, खिचड़ी, मूंगफली, रेवड़ी, वस्त्र और पात्रों की खरीदारी होती रही।

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    यमुना आरती स्थल पर पतंग उत्सव आज


    बुधवार को यमुना किनारा स्थित यमुना आरती स्थल पर विशेष पतंग उत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार पतंग महोत्सव दोपहर एक बजे से आरंभ होकर शाम तक चलेगा। इसमें आकर्षक और पारंपरिक पतंगों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामूहिक पतंगबाजी के माध्यम से पर्व को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। यमुना आरती स्थल पर शाम को आरती के दौरान श्रद्धालुओं उपस्थित रहेंगे।