आगरा: मानसिक स्वास्थ्य संस्थान हॉस्टल में एमडी छात्रा मृत मिलीं, दवा की ओवरडोज से आत्महत्या की आशंका
आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के हॉस्टल में एमडी छात्रा डॉ. वर्तिका सिंह मृत पाई गईं, आशंका है कि उन्होंने नींद की गोलियों का ओवरडोज लिया था। ...और पढ़ें

एमडी छात्रा डॉ. वर्तिका सिंह की फाइल फोटो।

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जागरण संवाददाता, आगरा। मानसिक स्वास्थ्यय संथान एवं चिकित्सालस परिसर के हॉस्टल में रविवार शाम काे एमडी कर रही डॉ. वर्तिका सिंह का शव कमरे में मिला। आशंका है कि उन्होंने नींद की गोलियों की ओवरडोज लेकर अपनी जान दी है। डॉ. वर्तिका ने इस वर्ष फरवरी में चिकित्सालय के एक सीनियर रेजीडेंट पर परेशान करने का आरोप लगाया था।
संस्थान की प्रबंधन कमेटी द्वारा जांच के बाद सीनियर रेजीडेंट को क्लीन चिट दे दी गई थी। जिसके बाद से डॉक्टर के तनाव में होने की बात कही जा रही थी।
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के हॉस्टल के कमरे में मिला मेडिकल छात्रा का शव
लखनऊ निवासी डॉ. वर्तिका ने एमबीबीएस करने के बाद इस वर्ष 22 फरवरी को प्रवेश लिया मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय में एमडी में प्रवेश लिया था। वह परिसर में ही बने हास्टल के प्रथम तल पर रहती थीं। रविवार को सुबह 11 बजे मां ने डॉक्टर वर्तिका को कई बार कॉल की, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।
हॉस्टल का दरवाजा तोड़ने पर बेड पर मृत मिली
जिस पर शाम करीब छह बजे मां ने डॉक्टर वर्तिका के साथ पढ़ने वाले डॉक्टर सिद्धार्थ ठाकुर और डॉक्टर सना रब्बानी को काल किया। उन्हें वर्तिका के कमरे पर जाकर बात कराने को कहा। दोनों साथी डॉक्टर वर्तिका के कमरे पर गए तो वह अंदर से बंद था। जिसके बाद वॉर्डन को बुलाकर कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो डॉक्टर वर्तिका अपने बेड पर पड़ी थीं। साथी चिकित्सक उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर गए। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दवा की ओवरडोज लेकर आत्महत्या की आशंका
घटनस की जानकारी होने पर पुलिस भी पहुंच गई। देर रात फील्ड यूनिट को घटनास्थल पर बुलाया गया। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि डॉक्टर वर्तिका मानसिक रूप से परेशान चल रही थीं। उन्होंने 27 मार्च को भी आत्महत्या का प्रयास किया। जिस पर संस्थान द्वारा उन्हें अपनी निगरानी में रखा गया था। इसकी जानकारी स्वजन को देने पर वह डॉक्टर वर्तिका को अपने साथ लखनऊ लेकर चले गए थे। वह 21 अप्रैल को घर से लौटी थीं।
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लखनऊ निवासी डॉक्टर वर्तिका मानसिक रूप से परेशान थी
संस्थान के निदेशक डॉक्टर दिनेश राठौर ने पुलिस को बताया कि फरवरी में छात्रा ने सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर सार्थक पर अपने साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया था। डॉ. वर्तिका की शिकायत पर तीन डॉक्टरों की कमेटी ने पूरे मामले की जांच की थी। कमेटी ने बयान दर्ज किए थे, जिसमें अभद्रता के आरोपों की पुष्टि नहीं इुई थी। आरोप साबित नहीं हुए थे। तब डॉ. वर्तिका ने 27 मार्च को भी आत्महत्या का प्रयास किया था। उन्होंने नींद की गोलियों की ओवरडोज ले ली थी। उनका मनोचिकित्सक से भी उपचार चल रहा था। वह दवाएं ले रही थीं।
इंस्पेक्टर हरीपर्वत नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि डॉक्टर वर्तिका के स्वजन को सूचना दे दी है। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वजन की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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