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यूपी में परिषदीय शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्र जांचेगी STF, दीपावली बाद होगी जांच; हाई कोर्ट ने दिया है आदेश

Published: Sat, 07 Nov 2026 08:10 AM (IST)

आगरा के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया में आधे शिक्षकों ने ही निर्धारित समय ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. आगरा में आधे शिक्षकों ने ही प्रमाणपत्र जमा किए।

  2. एसटीएफ दीपावली के बाद करेगी शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच।

  3. फर्जी प्रमाणपत्रों पर उच्च न्यायालय के आदेश से जांच शुरू।

जागरण संवाददाता, आगरा। जिले के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया में आधे शिक्षक ही निर्धारित समय पर अपने अभिलेख जमा करा सके हैं। शुक्रवार को प्रमाणपत्रों की छायाप्रति जमा कराने की अंतिम तिथि तक करीब 50 प्रतिशत शिक्षकों ने अपने दस्तावेज विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को उपलब्ध कराए। शेष शिक्षकों ने निर्धारित समय तक प्रमाणपत्र जमा नहीं किए हैं। अब इन शिक्षकों को जल्द अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला बेसिकक्षाधिकारी (बीएसए) डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रमाणपत्र जमा नहीं करने वाले शिक्षकों को फिलहाल निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी यदि शिक्षक आदेश का अनुपालन नहीं करते हैं तो उन्हें चेतावनी जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। शिक्षकों से प्राप्त प्रमाणपत्र प्रधानाध्यापकों के माध्यम से खंड शिक्षाधिकारियों तक पहुंचाए जाएंगे। खंड शिक्षाधिकारी सभी अभिलेख एकत्रित कर बीएसए कार्यालय में जमा कराएंगे।

जिले के साढ़े सात हजार शिक्षकों के अभिलेखों का होगा सत्यापन

दीपावली के बाद सभी दस्तावेज जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को उपलब्ध कराए जाएंगे। आगरा जिले में इस जांच के दायरे में करीब साढ़े सात हजार शिक्षक आएंगे। एसटीएफ शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की वास्तविकता की जांच करने के साथ ही नियुक्ति संबंधी अभिलेखों का सत्यापन करेगी। 

यह है मामला

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच शुरू की गई है। एसटीएफ की टीम बीएसए कार्यालय पहुंचकर शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों से संबंधित जानकारी जुटा चुकी है। इसके बाद बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को सात नवंबर तक अपने विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।

दरअसल, पिछले वर्षों में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति के मामले सामने आए थे। इसको लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। न्यायालय ने प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में शासन स्तर से जांच की प्रक्रिया तेज की गई है।

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