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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Agra Crime News: भूख से तड़प रही थी बालिका, क्रूर चाचा ने टॉप उतारकर घोंट दिया गला; सरसों के खेत में...

    Updated: Thu, 21 Mar 2024 09:41 PM (GMT+05:30)

    Agra Crime News बाह के फरैरा गांव के हरेंद्र कुशवाहा की कक्षा एक में पढ़ने वाली छह वर्षीय बेटी पल्लवी को सोमवार को दोपहर दो बजे के बाद हरेंद्र के चचेर ...और पढ़ें

    भूख से तड़प रही थी बालिका, क्रूर चाचा ने टॉप उतारकर घोंट दिया गला; सरसों के खेत में...
    भूख से तड़प रही थी बालिका, क्रूर चाचा ने टॉप उतारकर घोंट दिया गला; सरसों के खेत में...

    जागरण संवाददाता, आगरा। बाह के फरैरा में छह वर्षीय मासूम की अपहरण कर हत्या के मामले में क्रूर चाचा ने मानवीयता की हदें पार कर दीं। दुकान में हुए घाटे को पूरा करने के लिए उसने फूल से कोमल पल्लवी के अपहरण की साजिश रची। दोस्त के साथ मिलकर वह उसे सरसों के खेत में ले गया। भूख लगने पर बच्ची रोने लगी तो उसे खाने को कुछ देने के बजाय चाचा और क्रूर बन गया। पहले हाथ से गला दबाया। सांसे नहीं थमी तो बच्ची का ही टॉप उतारकर उससे गला घोंट दिया।

    मासूम का गला घोंटने के बाद अनजान बनकर बच्ची के पिता के साथ उसकी तलाश कराता रहा। बीच में फिरौती को कॉल भी किया। आरोपित ने पकड़े जाने के बाद रिश्तों के खून की जब कहानी सुनाई तो पुलिसकर्मियों का भी दिल दहल गया। गुरुवार को कोर्ट के आदेश पर आरोपित चाचा और उसके दोस्त को जेल भेज दिया गया।

    मित्र के साथ मिल चाचा ने किया अगवा

    बाह के फरैरा गांव के हरेंद्र कुशवाहा की कक्षा एक में पढ़ने वाली छह वर्षीय बेटी पल्लवी को सोमवार को दोपहर दो बजे के बाद हरेंद्र के चचेरे भाई अमित ने अपने मित्र निखिल के साथ मिलकर अगवा किया था। अगवा करने के बाद घर से एक किलोमीटर दूर सरसों के खेत में ले गया। कई घंटे तक आरोपित बच्ची को खेत में बैठाए रहे। शाम होने पर बच्ची को भूख में तड़पने लगी। उसने चाचा से घर ले चलने को कहा।

    शव को सरसों के खेत में फेंक कर गए

    बच्ची को रोता देखकर चाचा और उसके दोस्त ने मिलकर पहले उसका गला हाथों से दबाया। इसके बाद भी सांसें नहीं थमीं तो आरोपितों ने बच्ची का टाप उतारकर उससे गला घोंट दिया। इसके बाद शव को खेत में खड़ी सरसों की फसल के बीच में फेंक दोनों गांव की ओर चले गए। मंगलवार को हरेंद्र से फिरौती मांगने के लिए दोनों आरोपितों ने फोन किया। सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

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    कर्ज के चलते बनाया ये प्लान

    पुलिस को पूछताछ में चाचा अमित ने बताया जरार में उसकी कपड़ों की दुकान है। इस दुकान में त्योहार के समय कपड़े भरने के लिए रुपये की जरूरत थी। इसके साथ उसने पहले से ही किसी से 50 हजार रुपये ब्याज में ले रखे थे। जिसका ब्याज समय से न चुकाने के कारण दो लाख का कर्ज हो गया था। तब उसने अपने दोस्त निखिल के साथ मिलकर बच्ची को अगवा कर मारने की साजिश रच दी।

    गिरफ्तार कर पुलिस ने भेजा जेल

    सोमवार दोपहर दो बजे से तीन बजे के बीच में दोनों ने मिलकर घर के बाहर खेल रही बच्ची को अगवा कर लिया। मंगलवार को पिता के पास फिरौती के लिए दोनों आरोपितों का फोन आया। जिसमें दो अलग-अलग नंबरों से तीन बार फोन कर छह लाख रुपये मांगे। डीसीपी पूर्वी जोन अतुल शर्मा ने बताया दोनों आरोपित फिरौती की रकम से कर्ज चुकाने के साथ शहर छोड़ने की फिराक में थे। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

    जिन हाथों से खिलाता था उन्हीं से ली जान

    परिवार के लोगों ने बताया कि अमित अक्सर पल्लवी को बाइक पर बैठाकर घुमाता था। जिन हाथों से उसे खिलाता था, वे हाथ उसकी हत्या के समय बिल्कुल नहीं कांपे। पकड़े जाने के बाद अमित और उसके दोस्त ने पूरी घटना स्वीकार कर ली। जेल जाने तक उनके चेहरों पर कोई शिकन भी नहीं दिख रही थी।

    फिरौती की रकम का होता आधा-आधा

    दोनों आरोपितों में तय हुआ था कि फिरौती की छह लाख रकम मिलने पर दोनों आधा-आधा बांट लेंगे। जिसमें अमित अपना कर्ज चुकाएगा और निखिल पैसों को लेकर शहर के बाहर निकल जाएगा। दोनों में आपसी तालमेल हो गया था। इसके बाद अमित ने खेलने के बहाने बच्ची को घर के बाहर खेलते वक्त अगवा कर लिया।

    पहली कॉल करने के बाद तोड़ दी सिम

    आरोपियों ने बालिका की हत्या के बाद एक नई सिम से फिरौती को पहली कॉल की थी। खेत की मेड़ पर रखे एक मजदूर के फोन में यह सिम डाली थी। कॉल करने के बाद अपनी सिम निकालकर उसे तोड़ दिया। मगर, दूसरी बार कॉल अपने नंबर से ही कर दी। इसके बाद आरोपित सर्विलांस की मदद से पकड़े गए।