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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Garlic Price Hike: लहसुन दामों में आखिर क्यों आया उछाल! सामने निकलकर आई ये वजह, करना होगा फरवरी तक का इंतजार

    Updated: Sat, 23 Dec 2023 07:28 AM (IST)

    Agra Garlic Price Hike Latest News In Hindi व्यापारी लहसुन की कालाबाजारी कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से लेकर भंडारण कर लिया है और मंडियों में आवक घट ...और पढ़ें

    Agra News: लहसुन दामों में आखिर आया उछाल
    Agra News: लहसुन दामों में आखिर आया उछाल

    HighLights

    1. लहसुन के दामों में आई तेजी
    2. उत्पादन हुआ था कम, बोवाई हो चुकी फरवरी में आएगी नई फसल

    जागरण संवाददाता, आगरा। लहसुन के दामों में एक महीने से डेढ़ महीने में दो गुणा हो गए हैं। 80 रुपये प्रति किलोग्राम थोक और 160 से 180 रुपये प्रति किलोग्राम फुटकर में बिकने वाले लहसुन के दामों में तेजी आई है।

    थोक में दाम 160 रुपये प्रति किलोग्राम को पार कर गए हैं, तो फुटकर बाजार में 350 से 400 रुपये तक बिक रहा है।इस कारण उत्पादन कम होना और व्यापारियों द्वारा भंडारित करना माना जा रहा है।

    गत वर्ष लहसुन की अधिकता थी और बेहतर दाम नहीं मिले थे। सर्दियों तक में 40 रुपये प्रतिकिलोग्राम लहसुन बिक गया था। किसानों को लागत मूल्य नहीं मिला जिससे वे खेती के प्रति विमुख हुए थे।इस वर्ष जो फसल आई उसका रकवा तीस प्रतिशत तक कम हो गया था।

    राजस्थान और एमपी से आता है लहसुन

    अगर मैनपुरी की फसल को छोड़ दें तो सिकंदरा मंडी में राजस्थान और मप्र से सर्वाधिक आवक होती है। दोनों राज्यों में ही उत्पादन इस बार 20 से 30 प्रतिशत घटा था। अक्टूबर में फिर बोवाई हो गई है, जबकि फरवरी में नई फसल आना शुरू हो जाएगी।

    थोक विक्रेता शाहिद ने बताया की मंडी में प्रतिदिन 35 से 50 कुंतल लहसुन आती थी, लेकिन अब 30 कुंतल ही आ रही है। वहीं ठंड के कारण मांग तेजी से बढ़ी है। थोक विक्रेता राहुल ने बताया कि फरवरी में नई फसल आने के बाद ही दामों में अंतर आएगा। भंडारण की फसल अगर बाजार में आ जाए तब भी दामों में गिरावट आ सकती है।

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