Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    World Alzheimer Day: सुडोकू और शतरंज खेलने से दूर होगा अल्जाइमर, ये हैं बचाव के उपाय और लक्षण

    Updated: Sun, 21 Sep 2025 07:21 AM (IST)

    World Alzheimers Day आज विश्व अल्जाइमर दिवस है। 60 वर्ष की आयु के बाद याददाश्त कमजोर होना अल्जाइमर के लक्षण हो सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के न ...और पढ़ें

    प्रस्तुुतीकरण के लिए सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
    प्रस्तुुतीकरण के लिए सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

    HighLights

    1. 60 वर्ष की आयु के बाद याददाश्त कमजोर
    2. दिमागी कसरत से अल्जाइमर से बचाव
    3. मधुमेह रोगियों को अल्जाइमर का अधिक खतरा

    जागरण संवाददाता, आगरा। खाना खाया है यह भूल जाना, नाम और संबंध भूलना। 60 वर्ष की आयु के बाद जिसे बुजुर्गों का सठियाना समझा जाता है यह अल्जाइमर बीमारी के लक्षण है। बुजुर्ग सुडोकू को सुलझाते रहें, शतरंज खेलें और मानसिक रूप से सक्रिय रहें तो अल्जाइमर से बच सकते हैं।

    वहीं, इलाज और अच्छी देख रेख से बेहतर जिंदगी जी सकते हैं। मगर, जागरूकता की कमी के कारण बीमारी का पता नहीं चलता है। रविवार को विश्व अल्जाइमर दिवस पर डाक्टर लोगों को जागरूक करेंगे।

    60 वर्ष की आयु के बाद याददाश्त कमजोर होने के साथ ही व्यवहार में आने लगता है बदलाव

    मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक प्रोफेसर दिनेश राठौर ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ दिमाग के प्री फ्रंटल कार्टेक्स में प्रोटीन जमने लगती है, इससे अल्जाइमर की समस्या हो रही है। इसमें चीजें रखकर भूल जाना, घरवालों का नाम भूलना, रिश्तों को भूल जाना, याददाश्त कमजोर होने के साथ व्यवहार में अंतर आने लगे लगता है। समय से दवाएं देने और दिमागी कसरत करने से बीमारी के लक्षण को बढ़ने से रोका जा सकता है।

    इस तरह टाला जा सकता है अल्जाइमर

    डॉक्टर का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ सुडोकू सुलझाने, शतरंज खेलने, किसी विषय पर बहस करने, बच्चों की किताबों को पढ़ते हैं तो अल्जाइमर के लक्षण को टाला जा सकता है। 80 प्रतिशत अल्जाइमर के मरीजों में दिमागी कसरत से बीमारी के लक्षणों की रोकथाम हो रही है।

    वहीं, भूलने की बीमारी को सामान्य समझ कर इलाज ना कराने पर 10 वर्ष में बीमारी दोगुनी हो रही है। मरीज अपनी सुधबुध भूल जाते हैं, घर से निकल जाते हैं, कपड़े उतार देते हैं। मरीज के स्वजनों की भी काउंसिलिंग की जाती है जिससे वे उनकी अच्छी तरह से देखरेख करें। 65 वर्ष से अधिक आयु के 15 प्रतिशत मरीज अल्जाइमर से पीड़ित हैं।

    खबरें और भी

    इन लोगों को ज्यादा खतरा

    मधुमेह, ह्रदय रोग, मनोरोग, शराब का सेवन, कम सुनाई देना, दिखाई कम देना, अकेला रहना

    ये करें

    हर रोज एक सुडोकू सुलझाएं , पहेलियों का हल करें

    बीच बीच में सीधे हाथ की जगह उल्टे हाथ से लिखें, उल्टे हाथ से खाना खाएं

    चित्र बनाएं, सिलाई करें