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यूट्यूब ने बदले चैनल मोनेटाइजेशन के नियम, क्रिएटर्स को करनी होगी दोगुनी मेहनत

Published: Sun, 16 Aug 2026 08:35 PM (IST)

यूट्यूब ने 1 फरवरी 2027 से मोनेटाइजेशन के नियमों में बदलाव किया है, जिसमें वॉच टाइम और शॉर्ट्स व्यूज की आवश्यकता दोगुनी कर दी गई है।

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HighLights

  1. यूट्यूब मोनेटाइजेशन नियम 1 फरवरी 2027 से लागू होंगे।

  2. वॉच टाइम 4000 से 8000 घंटे, शॉर्ट्स व्यूज 1 से 2 करोड़।

  3. नए क्रिएटर्स के लिए दोगुनी मेहनत, यूट्यूबर्स ने जताई चिंता।

जागरण संवाददाता, आगरा। सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूट्यूब ने चैनल मोनेटाइज के लिए यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम (वाईपीपी) में बदलाव किया है, जो कि एक फरवरी 2027 से लागू होगा। यूट्यूबर्स को पहले अपने यूट्यूब चैनल को मोनेटाइज करने के लिए एक साल में चार हजार घंटे वाच टाइम पूरा करना होता था, वहीं 2027 से आठ हजार घंटे वाच टाइम पूरा करना होगा।

शार्ट वीडियो पर पिछले 90 दिनों में एक करोड़ व्यूज की जगह दो करोड़ व्यूज की जरूरत होगी। इससे नए यूट्यूबर्स को अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। कहना है कि यूट्यूब से रुपये कमाने के लिए अब दोगुना मेहनत करनी होगी, जो की सरासर गलत है।

यूट्यूबर देवकांत त्यागी ने बताया कि यूट्यूब की ओर से क्रिएटर दिए जाने वाली रकम में बढ़ोतरी करनी चाहिए। शुरुआती दौर में यूट्यूबर्स को कोई भी सहयोग नहीं करता है। शुरुआत में 100 प्रतिशत कमाई का जरिया यूट्यूब पर दिखाए जाने वाले विज्ञापन ही होते हैं।

यूट्यूबर यशवीर चौधरी ने बताया कि एक लान्ग वीडियो बनाने में लगभग पांच हजार रुपये का खर्चा हो जाता है। एक वीडियो पांच दिन व एक हफ्ते के बाद अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड करते हैं। यूट्यूब को अपने नई पालिसी में बदलाव करने की जरूरत है। पहली ही सीढ़ी इतनी कठिन बनाने के बजाय नए क्रिएटर की मदद करनी चाहिए।

नए क्रिएटर्स को दोगुना मेहनत करनी होगी

यूट्यूबर श्याम यादव का कहना है कि भारत में विज्ञापनदाता वीडियो के लिए लगभग 40 से 150 रुपये प्रति एक हजार व्यूज और शार्ट्स के लिए सात से 35 रुपये प्रति एक हजार व्यूज का भुगतान करते हैं। इसमें यूट्यूब अपना हिस्सा रखकर बाकी रुपया क्रिएटर्स को देता है। नए क्रिएटर को इतने ही रुपये कमाने के लिए दोगुना मेहनत करनी होगी।

यूट्यूब की नई पालिसी नए क्रिएटर के लिए मुसीबत है। इससे यूट्यूब पर अपने करियर की शुरुआत करने वाले क्रिएटर का मनोबल गिरेगा। वलगर कंटेंट बनाने वालों पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वलगर कंटेंट वालों पर यूट्यूब को रोक लगानी चाहिए।

-देवकांत त्यागी, यूट्यूबर

 

मेरे चैनल पर 25 हजार सब्सक्राइबर हैं। हम एक वीडियो को बनाने के लिए पूरे दिन मेहनत करते हैं। तब जाकर एडिट करने के बाद दो दिन के अंतराल में अपलोड करते हैं। यूट्यूब को वाच टाइम बढ़ाने के बजाय कम करना चाहिए, जिससे क्रिएटर का मनोबल बढ़े।

-मोहित बघेल, यूट्यूबर

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