पाकिस्तान में कैद बादल बाबू से बोली प्रेमिका लौट जाओ अपने मुल्क, प्यार में कर गया था बार्डर पार; रिहाई की बंधी उम्मीद
बरला, अलीगढ़ के बादल बाबू फेसबुक पर पाकिस्तानी युवती सना से दोस्ती के बाद प्यार में सरहद पार कर पाकिस्तान पहुंच गए। उन्हें सीमा पार करने के आरोप में ग ...और पढ़ें

पाकिस्तान के डिटेंशन सेंटर में बंद बादल बाबू।
संवाद सूत्र, बरला (अलीगढ़)। कहानी बिल्कुल फिल्मों जैसी है, लेकिन है असली। पाकिस्तान के बहाउददीन मंडी की रहने वाली सना नाम की एक युवती से बरला के रहने वाले बादल बाबू की फेसबुक के जरिए दोस्ती हो गई।
जल्द ही दोस्ती प्यार में बदल गई और वह उससे मिलने सरहद पार कर पाकिस्तान पहुंच गया। जेल से रिहाई के बाद पांच हजार रुपये जुर्माना न भरने के एवज में फिलहाल वह लाहौर के डिटेंशन सेंटर में बंद है।
बेटे की रिहाई के लिए पिता ने भी अलीगढ़ डीएम से मिलकर कई बार गुहार लगाई। पासपोर्ट बनवाने के लिए एक माह पहले एप्लाई भी किया। मगर अभी तक नहीं बना है। मंगलवार को बादल बाबू के वकील ने डिटेंशन सेंटर में जाकर मुलाकात की।
वकील ने रिहाई के लिए हाईकोर्ट में अपील डाली है। वहीं एफआईए भी अपनी कार्यवाही में जुटी हुई है। बरला के गांव नगला खिटकारी निवासी 22 वर्षीय बादल बाबू दिल्ली की एक्सपोर्ट कंपनी में सिलाई का कार्य करता था।
2022 में फेसबुक के जरिए पाकिस्तान, लाहौर के बहाउददीन मंडी के गांव माउंग की रहने वाली सना नाम की युवती से फेसबुक के जरिए दोस्ती हो गई। दोस्ती प्यार में बदल गई। वाघा बार्डर पार कर वह सना से मिलने पाकिस्तान पहुंच गया। सूचना पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने सारी बातें सच बताई कि वह सना से मिलने आया है। इस बाबत तमाम खुफिया एजेंसियों ने जांच पड़ताल की। उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। जिसमें उस पर सरहद पार करने का ही आरोप पाया गया।
न्यायालय ने एक वर्ष की सजा के साथ पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाया। 26 दिसंबर 2025 को सजा पूरी होने पर उसे जेल से रिहा कर दिया। पांच हजार रूपये जुर्माना न भरने के एवज में उसे लाहौर के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।
मंगलवार को करांची के रहने वाले वकील फियाज रामे ने डिटेंशन सेंटर में बादल से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। उसने वकील से कहा कि इस्लाम तो जेल में ही कबूल कर चुका था। वह सना से शादी करना चाहता है और पाकिस्तान में ही रहना चाहता है।
वकील को बताया कि सना उससे जेल में दो बार मिलने आई थी। चार दिन पहले डिटेंशन सेंटर में भी उससे मिलकर गई है। सना ने उससे बोला था कि रिहाई के बाद वह अपने वतन लौट जाये। पासपोर्ट, वीजा के साथ दोबारा पाकिस्तान आये। वह उससे शादी कर लेगी।
शादी के बाद वह उसे भारत भी लेकर जा सकता है। अन्यथा पाकिस्तान में भी रह सकता है। वकील ने बताया कि रिहाई के लिए हाईकोर्ट में भी अपील डाली गई है। जल्द ही सुनवाई होगी। माता-पिता पिता से वीडियो काॅल के जरिए बात कराने की अनुमति नहीं मिल सकी।
वहीं बादल के पिता कृपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को डीएम संजीव रंजन से भी मुलाकात की थी। डीएम ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। अभी उनका पासपोर्ट बनकर नहीं आया है। वह भी बेटे की रिहाई के लिए पाकिस्तान जायेंगे।

