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    अलीगढ़ में बड़ा घोटाला, 16 लाख के बदले डेढ़ करोड़ की जमीन नीलाम; बैंक अधिकारियों सहित छह पर मुकदमा

    By Mukesh Chaturvedi Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Mon, 23 Mar 2026 10:33 PM (IST)

    अलीगढ़ में कामधेनु डेरी योजना के तहत लिए गए ऋण के कारण एक किसान की डेढ़ करोड़ की जमीन 16 लाख में नीलाम कर दी गई। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों औ ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, अलीगढ़। कामधेनु डेरी योजना के तहत लिया गया ऋण एक किसान के लिए भारी मुसीबत बन गया। 16 लाख रुपये बकाया राशि की वसूली के नाम पर बैंक अधिकारियों और रिकवरी एजेंट की मिलीभगत से डेढ़ करोड़ रुपये की जमीन औने-पौने दामों में नीलाम कर दी।

    करीब आठ माह की जांच के बाद पुलिस ने यूनियन बैंक आफ इंडिया के चार अधिकारियों के अलावा रिकवरी एजेंट, जमीन खरीदने वाले सहित छह नामजद व अन्य के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है।

    मुकदमा थाना गोधा में छह मार्च को पंजीकृत किया गया। इसकी जानकारी शिकारगढ़ी गांव के किसान विवेक चौहान ने सोमवार को मीडिया को सेंटर प्वाइंट अटल चौक स्थित दीपक फास्ट फूड में पत्रकारों को दी।

    उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में कामधेनु डेरी योजना के अंतर्गत दादपुर स्थित यूनियन बैंक आफ इंडिया शाखा से 38.26 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण लिया था। योजना के तहत डेरी संचालन शुरू किया, लेकिन बाद में योजना अपेक्षित रूप से सफल नहीं हो सकी। इसके बावजूद उन्होंने 21.85 लाख रुपये की राशि किस्तों में जमा कर दी।

    आर्थिक तंगी के चलते शेष ऋण जमा करने में देरी हुई, जिसके बाद वर्ष 2018 में बैंक ने उनके खाते को एनपीए घोषित कर दिया। आरोप है कि इस दौरान बैंक अधिकारियों ने उन्हें एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना के तहत ऋण निपटाने का भरोसा दिलाया।

    लेकिन बाद में कार्रवाई करते हुए मामला राजस्व विभाग को भेज दिया गया और आरसी जारी कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। बैंक के क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों, रिकवरी टीम और भू माफियाओं की मिलीभगत से उनकी करीब एक एकड़ जमीन, जिसकी सरकारी कीमत डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक है, को मात्र लगभग 16 लाख रुपये के बकाया के बदले नीलाम कर दिया गया।

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    उनका दावा है कि यह जमीन रिकवरी एजेंट के करीबी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कम कीमत पर बेची गई। मामले की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की, जो करीब आठ माह तक चली। जांच में प्रथम दृष्टया बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

    इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर छह मार्च को थाना गोधा में बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक, रिकवरी टीम के सदस्य, जमीन खरीदने वाले व्यक्ति सहित छह लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया।

    सख्त कार्रवाई की मांग

    किसान विवेक चौहान ने आरोप लगाया कि जिले में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां किसानों की बंधक भूमि को साजिश के तहत कम कीमत पर बेच दिया जाता है।

    उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार से मांग की है कि दोषी बैंक अधिकारियों और भूमाफियाओं के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों के साथ इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लग सके।