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हरदुआगंज तापीय परियोजना में बड़ा संकट, कन्वेयर बेल्ट फटने से कोयला आपूर्ति बाधित

By Pramod Chandra Dargar Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 22 Sep 2026 01:03 PM (IST)

हरदुआगंज तापीय परियोजना की 660 मेगावाट की यूनिट 10 में कन्वेयर बेल्ट फटने से कोयले की आपूर्ति आधी रह गई ...और पढ़ें

हरदुआगंज तापीय परियोजना।

हरदुआगंज तापीय परियोजना।

HighLights

  1. हरदुआगंज परियोजना की यूनिट 10 में कन्वेयर बेल्ट फटी।

  2. कोयला आपूर्ति आधी हुई, बिजली उत्पादन पर गहरा असर।

संवाद सूत्र, कासिमपुर (अलीगढ़)। कासिमपुर Harduaganj thermal project हरदुआगंज तापीय परियोजना  की 660 मेगावाट क्षमता वाली 10 नंबर यूनिट में सोमवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। चालू हालत में अचानक बेल्ट नंबर 'सीबी' के फट जाने से यूनिट को होने वाली कोयले की आपूर्ति आधी रह गई है।

इस वक्त पूरे सिस्टम को केवल एक ही कन्वेयर बेल्ट के भरोसे चलाया जा रहा है, जिससे पावर प्लांट में हड़कंप मचा हुआ है। एक बेल्ट पर अचानक दोगुना लोड आ जाने के कारण उसके भी क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। यदि यह दूसरी बेल्ट भी टूट जाती है, तो सीधे यूनिट के बंकरों तक कोयले की सप्लाई पूरी तरह ठप हो जाएगी

ऐसी स्थिति में 660 मेगावाट की इस प्रमुख यूनिट के ट्रिप होने की पूरी संभावना बन जाएगी, जिससे बिजली उत्पादन पर गहरा असर पड़ सकता है।

रखरखाव के नाम पर करोड़ों का खेल

प्रोजेक्ट सूत्रों के मुताबिक, प्लांट प्रबंधन की ओर से कोल यार्ड के रखरखाव (मेंटेनेंस) का काम 'आका लॉजिस्टिक्स' नामक कार्यदायी संस्था को सौंपा गया है। इसके लिए कंपनी को हर साल करोड़ों रुपये का भुगतान किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कोल यार्ड लगातार गंभीर तकनीकी कमियों से जूझ रहा है।

मिलीभगत और खानापूर्ति का आरोप

सूत्रों का दावा है कि कोल यार्ड के अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन की कथित मिलीभगत के चलते मशीनों व बेल्टों की ओवरहॉलिंग (सर्विसिंग) सिर्फ कागजों और खानापूर्ति तक ही सीमित रहती है। गौरतलब है कि महज कुछ माह पूर्व भी इसी यूनिट की कन्वेयर बेल्ट टूट गई थी, जिसके कारण यूनिट कई घंटों तक ट्रिप रही थी।