युवक के शरीर के आर-पार हुई पांच फीट की सरिया, मौत के मुंह से खींची जिंदगी; डॉक्टर्स ने लड़ी जान बचाने को लंबी लड़ाई
अलीगढ़ के महुआ खेड़ा में एक 19 वर्षीय श्रमिक जाकिर के शरीर में पांच फीट सरिया घुस गई। दूसरी मंजिल से गिरने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया। 108 एंब ...और पढ़ें

अलीगढ़ के अस्पताल में शरीर में धंसी लेकर पहुंचा युवक।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। बचाओ... बचाओ की चीखें, ज़मीन पर खून से लथपथ युवक के शरीर में घंसी सरिया। एक पल श्रमिक की जिंदगी बच पाना असंभव था लगा। सहमे कई लोग आसपास ही थे, मगर कुछ कर नहीं पा रहे।
तभी 108 एंबुलेंस की टीम देवदूत से कम न लगी। जिंदगी और मौत के जंग में दर्द से तड़पते युवक के लिए तो बड़ी उम्मीद थी। एंबुलेंस चालक व ईएमटी ने दर्द से सरिया को पांच फीट पीछे से कटवाया।
शेष सरिया को जेएन मेडिकल कालेज के चिकित्सकों ने निकाल कर युवक की जान बचा ली। घटना महुआ खेड़ा क्षेत्र का है। यहां ओजोन सिटी के एक प्लाट में भवन निर्माण चल रहा है।
मजदूरी कर रहे झारखंड निवासी 19 वर्षीय जाकिर भवन की दूसरी मंजिल पर काम कर रहा था। सरिया की कटिंग की जा रही थी। इस दौरान प्रेशर से आई सरिया छिटककर उसके सीने के पास जा लगी, जिससे वह दूसरी मंजिल से नीचे गिर गया।
बचाओ-बचाओ की आवाज के साथ तड़पता रहा। आनन-फानन में एंबुलेंस को फोन किया गया। एंबुलेंस लेकर पहुंचे ईएमटी अजीत कुमार सिंह और पायलट दिनेश कुमार की हिम्मत युवक को देख पहले तो जवाब दे गई।
लेकिन बाद में उन्होंने करीब पांच फीट पीछे से सरिया को ग्राइंडर मशीन से कटवाया। इसके बाद मजदूर को एंबुलेंस में शिफ्ट करके तत्काल जेएन मेडिकल कालेज पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने बताया कि कुछ मिनट की देरी युवक की जान ले सकती थी।
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देर शाम मेडिकल कालेज के चिकित्सकों ने उसके शरीर से सरिया को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। 108 व 102 एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर मोहम्मद अरशद ने बताया कि दोनों कर्मियों ने विषम परिस्थितियों में जिस तरह धैर्य और समझदारी दिखाई, वह अत्यंत सराहनीय है।