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    अंग्रेजों के जमाने की है अलीगढ़ रेलवे स्टेशन की इमारत, टूटेगी या हेरिटेज बिल्डिंग में होगी शामिल, तय करेगा रेलवे

    By Sandeep Saxena Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Wed, 20 May 2026 12:51 PM (IST)

    अलीगढ़ रेलवे स्टेशन की 158 साल पुरानी ब्रिटिश-युग की इमारत के भविष्य पर रेलवे मंथन कर रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 800 करोड़ की लागत से बनने ...और पढ़ें

    अलीगढ़ रेलवे स्टेशन की पुरानी इमारत।

    अलीगढ़ रेलवे स्टेशन की पुरानी इमारत।

    जागरण संवाददाता, अलीगढ़। रेलवे स्टेशन को विकसित करने के तहत हवाई अड्डे जैसा लुक देने के लिए अंग्रेजों के समय में बने पुराने भवन को तोड़ा जाएगा या इस भवन को विरासत की तरह संजोएगा। हेरिटेज बिल्डिंग में शामिल करेगा, इसका निर्णय रेलवे करेगा।

    इसी के तहत रेलवे योजना में बदलाव करेगा। बहुमंजिला भवन के लिए नक्शे व डिजायन में बदलाव होगा। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

    अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन पर 800 करोड़ की लागत से बहुमंजिला भवन का निर्माण होना है। इसके लिए दो वर्ष पहले तैयार कराए गए नक्शे व डिजायन में पुराने भवन को तोड़कर निर्माण प्रस्तावित है।

    अंग्रेजों के समय में बने 158 साल पुराने भवन को और सुंदर रूप देने की योजना है। वर्तमान में स्टेशन का भवन तीन एकड़ क्षेत्र में बना है। गजेटियर्स के अनुसार, 1854 में कलक्टर वाटसन के दरबार में रेलवे के अधिकारियों ने उत्तर रेलवे की लाइन बिछाने के लिए मुलाकात की थी।

    उसी साल निर्माण शुरू हो गया। वर्ष 1865-66 में स्टेशन का निर्माण पूरा होने पर रेलवे सेवा शुरू हो गई थी। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के आर्किटेक्ट विभाग के प्रो. फरहान फाजली के अनुसार, अलीगढ़ जंक्शन यूरोपीय माडल के अनुरूप बना है।

    विशेष बात यह है कि यूरोप में ज्यादातर रेलवे स्टेशन इसी तरह बने हुए हैं। स्टेशन की दीवारों की गोलाई व छत आदि यूरोपियन स्थापत्य कला को दर्शाती हैं। शुरूआत में एक ही रेलवे लाइन बिछाई गई थी।

    1866 में ईस्ट इंडियन रेलवे कंपनी की कोयले वाले इंजन से ट्रेनें इस लाइन पर चलने लगीं थीं। 1894 में अवध व रोहिलखंड रेलवे द्वारा रामपुर के रास्ते बरेली-मुरादाबाद होकर अलीगढ़ की शाखा लाइन डाली गई थी। इस शाखा लाइन के बाद स्टेशन अलीगढ़ जंक्शन में तब्दील हो गया

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    शुरू में एक प्लेटफार्म था। अलीगढ़-हरदुआगंज सेक्टर का विद्युतीकरण 1975-76 में पूरा हुआ था। इसके बाद रेलवे ने नई डाउन रेलवे लाइन बिछाने का निर्णय लिया।

    वर्तमान में अलीगढ़ जंक्शन के सिविल लाइन की ओर से 800 करोड़ की लागत से भवन प्रस्तावित है। इसे सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।

    यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए रेलवे तत्पर है। अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन योजना का विकास होना है। अंग्रेजों के समय में बने पुराने भवन को तोड़ा जाएगा या हेरिटेज बिल्डिंग में शामिल होगा। इस पर अभी मंथन चल रहा है।
    शशिकांत त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-मध्य रेलवे मंडल प्रयागराज