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न भूले थे...न भूलेंगे, मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर अलीगढ़ में लगे पोस्टर; फिजां खराब करने की साजिश

By Santosh Sharma Edited By: Prateek Gupta
Published: Mon, 07 Sep 2026 08:15 PM (IST)

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर अलीगढ़ में 'न भूले थे, न भूलेंगे' लिखे पोस्टर लगाकर माहौल गरमाने की कोशिश की ...और पढ़ें

अलीगढ़ में रातों-रात लगाए पोस्टर।

अलीगढ़ में रातों-रात लगाए पोस्टर।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर रविवार देर रात शहर में अलग-अलग स्थानों पर पोस्टर लगाकर माहौल गरमाने का प्रयास किया। पोस्टरों पर बड़े अक्षरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखा गया था।

बरौला जाफराबाद, कुंदन नगर में लगाए पोस्टरों में उस समय की प्रदेश सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। पोस्टरों पर किसी संगठन या व्यक्ति का नाम स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया। ऐसे में इन्हें किसने लगाया और इसके पीछे उद्देश्य क्या था, इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं

अलीगढ़ के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर सहित अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के पोस्टर लगाए जाने की जानकारी सामने आते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित हुए हैं। मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में सात सितंबर 2013 को सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी।

कई दिनों तक चले घटनाक्रम में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए थे। कई लोगों को जान गंवानी पड़ी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना की मदद भी ली गई थी। उस समय प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार थी

सीओ बन्नादेवी धनंजय सिंह के अनुसार सोशल मीडिया से पोस्टर लगाने की जानकारी मिली थी। मौके पर जब जाकर देखा तो वहां कोई पोस्टर नहीं मिला। पूरे मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।