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अलीगढ़ संपत्ति कर: एकमुश्त समाधान योजना से पाएं ब्याज माफी का लाभ, पहले ही जमा कर दिया तो न करें आवेदन

Published: Mon, 17 Aug 2026 12:16 AM (IST)

नगर निगम अलीगढ़ में गृहकर, जलकर व ड्रेनेज कर के बकाएदारों को 14 नवंबर तक एकमुश्त समाधान योजना का लाभ मिलेगा, जिसमें ब्याज व सरचार्ज माफ होगा।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. 14 नवंबर तक एकमुश्त समाधान योजना का लाभ।

  2. बकाया संपत्ति कर पर ब्याज और सरचार्ज माफ।

  3. निगम की अव्यवस्था से जनता को पहली बार लाभ।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। नगर निगम में गृहकर, जलकर, ड्रेनेज कर (संपत्ति कर) जमा करने में अब 14 नवंबर तक एक मुश्त समाधान योजना का लाभ जनता को मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए 15 अगस्त से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अपनी बकाया राशि को अधिकतम तीन किश्तों में जमा कर सकते हैं।

एकमुश्त बकाया राशि जमा करने पर ब्याज या सरचार्ज का भुगतान नहीं करना होगा। मगर जो उपभोक्ता 15 अगस्त से पहले अपना संपत्ति कर जमा कर चुके हैं, उनको आवेदन करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनको कोई राशि वापस करने का प्रविधान नहीं है।

अव्यवस्थाएं लोगों को परेशान करती हैं फिर चाहें वह नगर निगम की हों या किसी अन्य विभाग की। मगर यह पहला मौका है जब नगर निगम की अव्यवस्था जनता के लिए लाभकारी साबित हो रही है।

नगर निगम ने जोड़कर भेजा था बिल

नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष संपत्तिकर के बिल बांटे थे। इसमें जल मूल्य और जलकर दोनों जोड़कर भेज दिए, जबकि जिनके पास पानी का कनेक्शन नहीं है उनको जलमूल्य नहीं देना होता है।

अब जनता आपत्ति फार्म भरकर इनको सही कराने के लिए निगम के चक्कर काट रही थी। कई लोगों के बिल अभी तक सही नहीं हो सके हैं, जिसके कारण वह बिल जमा नहीं कर सके।

अब प्रदेश सरकार ने एक मुश्त समाधान योजना ला दी है। इसके तहत अपना बकाया जमा करने वालों को ब्याज और सरचार्ज से मुक्ति मिल जाएगी। मगर जो लोग अपना बिल संशोधित कराकर पहले ही जमा कर चुके हैं, उनको यह लाभ नहीं मिलेगा।

15 अगस्त से 14 नवंबर तक इसका लाभ जनता ले सकती है। यह योजना एक अप्रैल 2026 तक लंबित बकाया प्रकरणों पर लागू होगी। इसलिए नगर निगम की अव्यवस्था पहली बार जनता के लिए लाभकारी साबित हो रही।

प्रदेश सरकार ने जनहित में ये कदम उठाया है। राजस्व वसूली बढ़ाने से अधिक जनता को सहूलियत देना प्राथमिकता है। अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठाकर अपने संपत्ति कर को जमा करें।

-प्रशांत सिंघल, मेयर

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