अलीगढ़ में माधवानंद आश्रम की कुटिया में संदिग्ध परिस्थितियों में जला मिला साधु का शव, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
अलीगढ़ के इगलास स्थित माधवानंद आश्रम में 90 वर्षीय संत स्वामी अदेतानंद का शव संदिग्ध परिस्थितियों में जला हुआ मिला। वे लकवाग्रस्त थे और 15 वर्षों से आ ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
90 वर्षीय संत लकवाग्रस्त थे, जांच जारी।
शव के पास ज्वलनशील पदार्थ, माचिस मिली।
संवाद सूत्र, इगलास (अलीगढ़)। कोतवाली क्षेत्र के गांव कैमावली स्थित माधवानंद आश्रम में शुक्रवार सुबह कुटिया के भीतर संत का शव संदिग्ध परिस्थितियों में जला हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन कर जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाए क्षेत्र में हैं।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 90 वर्षीय स्वामी अदेतानंद 15 वर्षों से माधवानंद आश्रम में रह रहे थे। शुक्रवार सुबह ग्रामीण रोज की भांति आश्रम पहुंचे, तो कुटिया का नजारा देख दंग रह गए। संत का शरीर ज्वलनशील पदार्थ से बुरी तरह झुलसा हुआ था और वह मृत अवस्था में पड़े थे। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई।
लोगों ने बताया कि संत कुछ समय से पैरालिसिस (लकवा) से ग्रसित थे। चलने-फिरने में असमर्थ थे। ग्रामीण उनके लिए भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाते थे। उनका स्वभाव शांत था और 15 वर्षों में उनका किसी से कोई विवाद या द्वेष नहीं रहा।
इंस्पेक्टर अवधेश कुमार ने बताया कि फोरेंसिक टीम से जांच कराई गई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु के सही कारणों का पता लगाया जाएगा।
आखिर कहां से आया ज्वलनशील पदार्थ
ग्रामीणों में चर्चा है कि जो संत खुद चल-फिर नहीं सकते थे, उनके पास ज्वलनशील पदार्थ कहां से और किसके माध्यम से पहुंचा? शव के समीप ज्वलनशील पदार्थ संभवत: पेट्रोल की बोतल रखी थी। एक कटोरा व माचिस भी मिली है। यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई साजिश है, पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।