अलीगढ़ में मिट्टी की ढाय खिसकने से चचेरे भाई-बहन की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम
अलीगढ़ के परौरा गांव में घर की पुताई के लिए मिट्टी लेने गए 8 वर्षीय कौशल और 13 वर्षीय काजल ...और पढ़ें

बच्चों की मौत के बाद शोकाकुल ग्रामीण।
संवाद सूत्र, बरला (अलीगढ़)। गांव परौरा में भट्ठे के निकट घर की चौका पताई के लिए मिट्टी लेने गये पांच बच्चों में से दो बच्चों के ऊपर मिट्टी की ढाय खिसक गई। जिसमें एक किशोर व किशोरी मिट्टी में दब गये। पास खड़े तीन बच्चों ने शोर मचाया तो ग्रामीण घटना स्थल पर दौड़े। मिट्टी हटाकर दोनों को बाहर निकाला। स्वजन छर्रा सीएचसी लेकर गये।
जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एसडीएम अतरौली ने तहसीलदार व लेखपाल को भेजकर रिपोर्ट मांगी है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। गांव परौरा निवासी सुम्मेर सिंह मजदूरी हैं। दो बेटे व दो बेटी हैं। छोटा बेटा 8 वर्षीय कौशल गांव के ही एक स्कूल में क्लास सेकेंड में पढ़ता था।
सोमवार की शाम वह परिवार के ही 13 वर्षीय काजल पुत्री हरिश्चंद्र व अंय तीन बच्चों के साथ घर की चौका पुताई के लिए मिट्टी लेने गये थे। तीन बच्चे प्रशांत, शेखू व सुनिल खड़े हुए थे। काजल व कौशल खुरपी से मिट्ठी खोदखर बोरी में भर रहे थे। तभी अचानक मिट्टी की ढाय दोनों के ऊपर गिर गई। मिट्ठी के मलबे में दोनों दब गये।
पास खड़े तीनों बच्चों ने शोर मचाया तो खेत पर काम रहे लोगों के अलावा ग्रामीण घटना स्थल पर दौड़े चले आये। दोनों को बाहर निकाला। स्वजन छर्रा सीएचसी लेकर गये जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। एसडीएम अतरौली सौरभ गुप्ता ने तहसीलदार सुरेंद्र कुमार व हल्का लेखपाल को मौके पर भेजा। इलाका पुलिस भी पहुंच गई।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। एसडीएम ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद शासन से मिलने वाली मदद की जाएगी।
परिवार समेत गांव में मचा कोहराम
किशोर व किशोरी की मृत्यु से परिवार समेत गांव में कोहराम मच गया। दोनों मृतक बच्चों के पिता मजदूरी करते हैं। काजल के पिता हरिश्चंद्र भी एक ईंट भट्ठे पल मजदूरी करते हैं। दो भाई व एक बहन हैं।
ईंट भट्ठों पर जाता है मिट्टी रेता
गांव परौरा के निकट ईंट भट्ठों पर ईंट पथाई में प्रयोग होने वाला रेता का प्रयोग होता है। किसान अपने खेत से मिट्टी उठवाते हैं। इस मिट्टी का कलर पीले रंग का होता है। जो कि महिलाएं भी इस मिट्टी का प्रयोग चौका पुताई के लिए करती हैं।
