हरियाली से लेकर ‘निपुण विद्यालय’ तक, अलीगढ़ के अमर सिंह को मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार
अतरौली के कंपोजिट विद्यालय बहरवाद के प्रधानाध्यापक अमर सिंह को राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने विद्यालय को ...और पढ़ें

राज्य शिक्षक सम्मान के चयनित अलीगढ़ के शिक्षक अमर सिंह।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। जहां कभी विद्यालय का परिसर बदहाल था, कक्षाओं में सन्नाटा पसरा रहता था और हरियाली के नाम पर गिने-चुने पौधे थे, वहीं आज बच्चों की चहक, स्मार्ट कक्षाओं की रौनक और पौधों की हरियाली दिखाई देती है। नवाचारों व गुणवत्तापरक शिक्षा से विद्यालय प्रत्येक वर्ष निपुण घोषित हो रहा है।
यह बदलाव किसी एक योजना का नहीं, बल्कि एक शिक्षक के संकल्प, नेतृत्व, मेहनत और सामुदायिक सहयोग का परिणाम है। इसी उल्लेखनीय कार्य के लिए अतरौली ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय बहरवाद के प्रधानाध्यापक अमर सिंह को इस वर्ष राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य अध्यापक पुरस्कारों की घोषणा की। अमर सिंह का चयन गुणवत्तापरक एवं स्मार्ट शिक्षा, विद्यालय परिसर को हरित बनाने, सामुदायिक सहयोग से विद्यालय का कायाकल्प करने और अन्य उल्लेखनीय कार्यों के लिए किया गया है।

स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रा को सम्मानित करते बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, साथ में प्रधानाध्यापक अमर सिंह।
विगत चार वर्षों में अतरौली से यह पुरस्कार पाने वाले वह तीसरे शिक्षक होंगे। विशेष बात ये है कि यह क्षेत्र बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का है।
अतरौली के गांव चपौटा निवासी अमर सिंह की पहली नियुक्ति 23 फरवरी 1995 को गंगीरी ब्लाक के आलमपुर रानी में हुई थी। विभिन्न विद्यालयों में जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन करते हुए 30 जुलाई 2019 में उन्हें कंपोजिट विद्यालय बहरवाद में प्रधानाध्यापक बनाया गया।
उस समय विद्यालय में 300 से अधिक बच्चे पंजीकृत थे, लेकिन कोविड काल के कारण विद्यालय लगभग खाली हो चुका था। भवन और परिसर दोनों बदहाल थे। अमर सिंह ने इसे चुनौती माना और विद्यालय की तस्वीर बदलने का संकल्प लिया।
परिसर में जहां केवल पांच-छह पौधे थे, वहीं उन्होंने अपने वेतन और सामुदायिक सहयोग से 450 से अधिक शोभाकार, छायादार और फलदार पौधे लगवाए। परिसर को समतल कराया, कक्षाओं की हालत सुधारी, आवागमन के लिए पथ बनवाए तथा रंगाई-पुताई और वाॅल पेंटिंग कराई।
पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर विद्यालय में स्मार्ट कक्षाओं की शुरुआत की गई। शिक्षकों के सहयोग से बच्चों के लिए टीचिंग लर्निंग मेटेरियल (टीएलएम) तैयार कराया गया। खेलकूद की सुविधाएं भी विकसित की गईं। आज विद्यालय में 350 से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं और हर वर्ष निपुण विद्यालय की उपलब्धि हासिल की जा रही है।
आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना के तहत छह बच्चों का चयन हो चुका है, जबकि एक छात्रा अटल आवासीय विद्यालय के लिए चयनित हुई है। इन्हीं उपलब्धियों के फलस्वरूप में विद्यालय मुख्यमंत्री अभ्युदय मॉडल कंपोजिट स्कूल योजना में शामिल हो चुका है, जिसके लिए 1.42 करोड़ रुपये से नया भवन तैयार हो रहा है।
यह उपलब्धि साबित करती है कि संसाधन सीमित हों तो भी संकल्प बड़ा हो, तो बदलाव संभव है। अमर सिंह के अनुसार, विद्यालय में आठ शिक्षक, तीन अनुदेशक एक शिक्षामित्र कार्यरत हैं, सभी का भरपूर सहयोग मिला।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह ने प्रधानाध्यापक को बधाई दी है। प्रत्येक वर्ष शिक्षक दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से शिक्षकों को यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
चार शिक्षकों ने किए थे आवेदन
जिले से पुरस्कार के लिए चार शिक्षकों ने आवेदन किए थे, जिनमें से श्रेष्ठ कार्य के आधार पर तीन शिक्षकों के नाम शासन को भेजे गए।
इनमें कंपोजिट विद्यालय इब्राहिमाबाद की शिक्षिका यशोदा देवी व पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय भोजपुर के प्रधानाध्यापक अरवेश कुमार सम्मिलित रहे। अरवेश कुमार ने पिछले वर्ष भी आवेदन किया था। इस बार शासन से 75 में से 61 जिलों के शिक्षकों को यह पुरस्कार मिलेगा। पांच जिले से प्रविष्टियां ही नहीं मिली।
अब तक राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक
- 1998, ताराचंद (सेवानिवृत्त), प्राथमिक विद्यालय हरदुआगंज
- 2000, नियम गिरी आर्य, पूर्व माध्यमिक विद्यालय पुल नानऊ (अकराबाद)
- 2018, यतीश कुमार, उच्च प्राथमिक विद्यालय कारेका सदूपुर (इगलास)
- 2019, राफिया निकहत, प्राथमिक विद्यालय रजानगर (लोधा)
- 2020, कोरोना काल (पुरस्कार नहीं दिए गए)
- 2021, सुरेंद्र कुमार, कंपोजिट स्कूल कासिमपुर (अकराबाद)
- 2022, संजीव शर्मा, उच्च प्राथमिक विद्यालय, राजमार्गपुर (अतरौली)
- 2023, मूलचंद, प्राथमिक विद्यालय सूरतगढ़
- 2024, राजकुमार सिंह, प्राथमिक विद्यालय, रोहिना सिंहपुर (धनीपुर)
- 2025, अमर सिंह, कंपोजिट विद्यालय बहरवाद, अतरौली।
