एएमयू छात्र संघ चुनाव: अध्यक्ष पद के लिए अमीना इरशाद मैदान में, बोलीं- जमीन वापस लेकर आऊंगी
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में पीएचडी शोधार्थी अमीना इरशाद ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश की है, जिसमें ...और पढ़ें

छात्र संघ में लड़कियां।
HighLights
अमीना इरशाद ने एएमयू अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की।
विश्वविद्यालय की जमीन वापसी और पुलिस आवाजाही मुख्य मुद्दे।
29 अक्टूबर को छात्रसंघ चुनाव के लिए नामांकन होंगे।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में इस बार छात्रसंघ चुनाव इतिहास रचेगा। छात्राएं भी पूरी दमदारी से चुनाव मैदान में उतर रही हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए नशरा नईम और इरफ़ा खान पहले ही घोषणा कर चुकी हैं। कैबिनेट के लिए भी कई छात्राएं सामने आ चुकी हैं। मंगलवार को अध्यक्ष पद के लिए अर्थशास्त्र विभाग की चौथे वर्ष की पीएचडी शोधार्थी अमीना इरशाद ने अपनी दावेदारी पेश कर दी।
लाइब्रेरी कैंटीन पर उन्होंने छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में चुनाव लड़ने की वजह और मुद्दों को रखा। एएमयू की जमीन, पुलिस की आवाजाही और छात्रों के प्रतिनिधित्व को प्रमुख मुद्दा बताया। कहा नगर निगम ने एएमयू की जमीन ले ली है। विश्वविद्यालय की जमीन वापस लाना और छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाना उनकी प्राथमिकता
अर्थशास्त्र विभाग की शोधार्थी ने चुनाव लड़ने का किया ऐलान
दैनिक जागरण से बातचीत में अमीना इरशाद ने कहा कि विश्वविद्यालय अल्पसंख्यक संस्थान है और यहां के छात्रों को एकजुट होकर अपनी बात रखनी चाहिए। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय में करीब 37 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। यदि सभी सामूहिक रूप से किसी मुद्दे पर आवाज उठाएं तो सरकार तक उनकी बात प्रभावी ढंग से पहुंच सकती है।
पुलिस की कैंपस में आवाजाही पर उठाए सवाल
अमीना ने कहा कि छात्रों को अपना प्रतिनिधित्व मांगने के बजाय अधिकार के रूप में हासिल करने के लिए आगे आना चाहिए। आमना ने कैंपस में पुलिस की आवाजाही और छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर विद्यार्थियों का है और यहां दिन-रात घूमने का अधिकार उनका है। पुलिस के कैंपस में आने, छात्रों पर लाठी चलाने और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई।
एमयू में चुनावी माहौल ने उन्हें काफी प्रभावित किया
अमीना ने कहा कि वह ऐसा नेतृत्व देना चाहती हैं, जो निडर होकर छात्रों के अधिकारों के लिए खड़ा हो। उन्होंने संकल्प जताया कि विश्वविद्यालय की जमीन वापस लाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगी और बिना अनुमति पुलिस के कैंपस में प्रवेश का विरोध करेंगी। लखनऊ की रहने वाली अमीना ने बताया कि वह वर्ष 2018 में एएमयू आई थीं। इससे पहले उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से स्नातक की पढ़ाई की। एएमयू में चुनावी माहौल ने उन्हें काफी प्रभावित किया।
यह भी पढ़ें- AMU छात्र प्रतिनिधि चुनाव: लिंगदोह समिति की शर्तें नहीं, अब एएमयू कोड ऑफ कंडक्ट लागू
मुझे अपने लोगों की आवाज बननी है : इरफा खान
उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने जा रहीं अंग्रेजी विभाग की छात्रा इरफ़ा खान ने कहा कि आठ साल से यूनियन के चुनाव नहीं हुए है। जब यूनियन की 14 लोगों की टीम बनती है तो वो हर मुद्दे पर काम करती है। प्लेसमेंट, हास्टल और खाने की गुणवत्ता छात्रों की बड़ली समस्या है। मुझे अपने लोगों की आवाज बननी है।
नामांकन कल, तैयारी तेज
छात्र संघ चुनाव के लिए 29 अक्टूबर को नामांकन होंगे। इसके लिए सभी दावेदारों ने तैयारी तेज कर दी है। मुख्य चुनाव अधिकारी की ओर से बुधवार को मतदाता छात्र-छात्राओं की अंतिम सूची चस्पा की जाएगी।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।