पिस्टल, मैग्जीन और कारतूस; AMU के हाईटेक सुरक्षाचक्र को भेद फर्जी दस्तावेजों से आरोपी छात्र ने पाया दो कोर्स में दाखिला
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सर जियाउद्दीन हॉल में शहबाज उर्फ ताबिश नामक छात्र फर्जी दस्तावेजों से दो कोर्स में दाखिला लेकर एक साल से रह रहा था। पु ...और पढ़ें

एएमयू के छात्र के कमरे से बरामद कारतूस, मैग्जीन और मोबाइल फोन्स।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में प्रवेश पाना किसी भी छात्र के लिए सपना पूरा होने से कम नहीं होता। एक साल से सर जियाउद्दीन हाॅल में हथियारों के साथ रह रहे शहबाज उर्फ ताबिश ने फर्जी दस्तावेजों से दो कोर्स में प्रवेश पा लिया।
उसके सामने यूनिवर्सिटी का हाईटेक सुरक्षा चक्र धरा रह गया। आरोपित के साथ कमरे में दो छात्र और रह रहे थे। कमरे में कारतूस, मैग्जीन व अन्य सामान मिलने से सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या हाल में आन-जाने वालों पर निगाह नहीं रखनी चाहिए।
कमरा किसके नाम आवंटित है, कौन रह रहा है, इसकी जांच नहीं होनी चाहिए। सर जियाउद्दीन हाॅल में छात्र की तलाश के लिए पुलिस ने पूरी योजना से काम किया। टीम ने एएमयू प्रशासन को बस इतनी जानकारी दी कि एक छात्र को तलाश करना है।
उसका आपराधिक घटना में नाम आया है। सीओ सर्वम सिंह अपने साथ क्वार्सी, सिविल लाइन के प्रभारियों के अलावा शहर की एसओजी को साथ लेकर पहुंचे। प्राॅक्टर प्रो. नवेद खान को भी साथ बुला लिया। बड़ी संख्या में पुलिस को देखकर छात्र व हाल का स्टाफ भी देखता रह गया।
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पुलिस ने दो घंटे से अधिक समय तक कमरा नंबर जेड-34 में तलाशी ली। एक-एक सामान को चेक किया। मैग्जीन, कारतूस, जाली नोट, फर्जी मार्कशीट, मोबाइल के अलावा आधार, पैन कार्ड भी मिले। एक साल से कमरे में शहबाज एमसीए के छात्र के रूप में रह रहा था।
किसी को पता नहीं था कि वह डिप्लोमा इंजीनियरिंग का भी छात्र है। उसके कमरे में पुलिस को तलाशी में उसे दो क्लास में दाखिले के साक्ष्य मिले, तब इसकी जानकारी हुई। पता यह भी चला है कि शहबाज पहले भी आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है।
दिन में सोता, रात में निकलता
फायरिंग के आरोप में फरार चल रहा शहबाज हाल के छात्रों के अधिक संपर्क में नहीं रहता था। यह भी पता चला कि वह दिन भर कमरे में रहता था, रात को ही निकलता था। रात में कहां जाता था, किसके साथ रहता था, क्या करता था?
ये सवाल पुलिस की जांच का हिस्सा बन गए हैं। पुलिस को यह भी शक है कि शहबाज हथियारों का कारोबार तो नहीं कर रहा। एएमयू में जब भी छात्र गुट व बाहरी लोगों में विवाद आता है तो फायरिंग भी होती है।
इन लोगों के पास हथियार कहां से आते हैं। आरोपित की गिरफ्तारी के बाद इस सवाल का जवाब भी पुलिस को मिल सकता है।
काॅल डिटेल करेगी पुलिस की मदद
शहबाज के मोबाइल नंबर की काॅल डिटेल भी पुलिस खंगाल रही है। इससे पता चल सकेगा कि वह किन-किन लोगों से संपर्क करता था? उसके मित्र मंडली में कैसे लोग थे? ये क्या करते हैं?
पुलिस ने कमरे से आठ मोबाइल भी बरामद किए हैं। उनके बारे में भी पता किया जा रहा है कि किसी की आइडी पर ये खरीदे गए थे। सिम कार्ड किस आइडी पर चल रहे थे।
बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाए एएमयू : एसएसपी
एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा है कि छात्र के कमरे से मिले सामान की गहनता से जांच कराई जा रही है। आरोपित की तलाश भी कराई जा रही है। बुलंदशहर पुलिस से भी संपर्क किया गया है।
एएमयू प्रशासन से पहले भी कहा जा चुका है कि बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। हाल में उन्हीं छात्रों को प्रवेश दिया जाए जो वहां पढ़ रहे हैं। जल्द ही एएमयू प्रशासन इस संबंध में पत्र लिखा जाएगा ताकि अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके।
प्राॅक्टोरियल टीम ने पकड़े 70 बाहरी, पुलिस को भी सौंपे
प्राॅक्टर प्रो. नवेद खान ने बताया कि एएमयू प्रशासन बाहरी लोगों पर लगातार काम कर रही है। पिछले एक माह के दौरान 70 बाहरी लोगों को पकड़ा गया। इनमें से कई लोगों को पुलिस को भी सौंपा गया।
आफताब हाॅल के पास मिली संदिग्ध कार प्राॅक्टोरियल टीम ने ही पुलिस बुलाकर जब्त कराया था। हाल के अंदर भी तलाशी अभियान चलाया जाएगा। हमारा एक ही मकसद है, यूनिवर्सिटी में छात्रों के लिए बेहतर माहौल प्रदान करना।
सर जियाउद्दीन हाॅल के जिस कमरे में पुलिस ने छापेमारी की उसमें शहबाज व दो छात्र गलत तरीके से रह रहे थे। कमरा किसी और छात्र के नाम है। इसकी पूरी जांच की जा रही है। इसके बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।