AMU वीमेंस कॉलेज प्रदर्शन: साजिश का पर्दाफाश, CJP व जामिया मिलिया कनेक्शन; छात्राओं को उकसाने के सबूत मिले
एएमयू प्रशासन ने वीमेंस कॉलेज में छात्राओं के प्रदर्शन के पीछे साजिश का दावा किया है, जिसमें कुछ छात्रों द्वारा ...और पढ़ें

वीमेंस कालेज में छात्राओं और प्राक्टोरियल टीम में होती नोकझोंक । वीडियो ग्रैब
HighLights
एएमयू वीमेंस कॉलेज प्रदर्शन के पीछे साजिश का दावा।
छात्राओं को उकसाने के डिजिटल साक्ष्य मिले, छात्र रडार पर।
CJP आंदोलन और जामिया मिलिया कनेक्शन की भी जांच।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के वीमेंस कॉलेज में खाने की गुणवत्ता को लेकर सोमवार को हुए छात्राओं के प्रदर्शन के पीछे अब साजिश की परतें खुलने लगी हैं। एएमयू प्रशासन का दावा है कि प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ, बल्कि कुछ छात्रों ने छात्राओं को उकसाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया।
प्रशासन के हाथ ऐसे डिजिटल साक्ष्य लगे हैं, जिनमें छात्राओं को प्रदर्शन के दौरान क्या करना है और प्राक्टोरियल टीम के पहुंचने पर किस तरह विरोध करना है, इसकी जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। चार-पांच छात्रों की पहचान हुई है। इनमें एक छात्र दिल्ली में हुए सीजेपी के आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहा था।
यूनिवर्सिटी के वीमेंस कालेज में छात्राओं ने किया था प्रदर्शन
प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के संपर्क में रहे जिन चार-पांच छात्रों की पहचान हुई है वो वाट्सएप के जरिए छात्राओं को संदेश भेज रहे थे। उन्हें गेट से नहीं हटने और किसी की बात नहीं मानने के लिए उकसाने के साथ यह भी बताया जा रहा था कि प्रॉक्टोरियल टीम के आने पर क्या करना है। प्रशासन इन संदेशों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रहा है।
वाट्सएप संदेशों से उकसाने के साक्ष्य मिलने का प्रशासन का दावा
इसी आधार पर मंगलवार को दो छात्रों को प्रॉक्टर कार्यालय बुलाकर पूछताछ की गई। एक छात्र नेता ने बयान में प्रॉक्टोरियल टीम पर छात्रा का हिजाब हटाने का आरोप लगाया था। प्राक्टर ने उससे इस आरोप के साक्ष्य दिखाने को कहा। प्रशासन के मुताबिक, छात्र कोई साक्ष्य नहीं दिखा सका और बाद में माफी मांगने लगा। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि मामला केवल माफी मांगने से खत्म नहीं होगा। छात्र को बताया गया कि उसकी प्रारंभिक सुनवाई हो चुकी है। अब उसे अनुशासन समिति के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा। वहां उपस्थित न होने या संतोषजनक जवाब नहीं देने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रॉक्टर ने बताया कि छात्रों की भूमिका की जांच चल रही है। प्रशासन यह भी देख रहा है कि इन छात्रों का आपस में और प्रदर्शन कर रही छात्राओं से किस तरह संपर्क था। कुछ छात्रों के राजनीतिक संगठनों से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है।
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जामिया मिलिया कनेक्शन की भी जांच
एएमयू में खाने की गुणवत्ता को लेकर प्रदर्शन जामिया मिलिया इस्लामिया में हुए प्रदर्शन के बाद हुआ। सबसे पहले शनिवार को यूनिवर्सिटी के एसएस नार्थ हाल के छात्रों ने वीसी लॉज घेरकर हंगामा किया था। इसके बाद सोमवार सुबह अचानक वीमेंस कॉलेज के अब्दुल्ला हॉल की छात्राएं सड़क पर उतर आईं। यूनिवर्सिटी प्रशासन इस एंगल पर भी जांच कर रहा है कि रडार पर आए छात्र जामिया या दिल्ली के लोगों के संपर्क में तो नहीं थे, जो यूनिवर्सिटी का माहौल खराब करना चाहते हों।
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चार-पांच छात्र रडार पर, दो से पूछताछ
राजनीतिक एंगल से भी जांच की जा रही है। दैनिक जागरण ने ‘जामिया मिलिया से उठी खराब खाने की चिंगारी एएमयू पहुंची, छात्राओं का हंगामा’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन की जांच अब इसी एंगल पर चल रही है। देखना यह है कि यूनिवर्सिटी की यह जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचती है।
