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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Aligarh News : अलीगढ़-कासगंज गंगा क्षेत्र में दिखेगी डाल्‍फिन की अठखेलियां, बनेंगे चार वाच टावर

    By Anil KushwahaEdited By:
    Updated: Tue, 18 Oct 2022 06:16 AM (GMT+05:30)

    Aligarh News अलीगढ़ व आसपास के लोगों के लिए अच्‍छी खबर है अब उन्‍हें डाल्‍फिन की अठखेलियां देखने के लिए दूर दराज नहीं जाना पड़ेगा। यह नजारा अब अलीगढ़ ...और पढ़ें

    अलीगढ़ से कासगंज तक गंगा किनारे लोग डाल्‍फिन की अठखेलियां वाच टावर से देख सकेंगे।
    अलीगढ़ से कासगंज तक गंगा किनारे लोग डाल्‍फिन की अठखेलियां वाच टावर से देख सकेंगे।

    सुरजीत पुंढीर, अलीगढ़ । Aligarh News : डाल्फिन तो देखी ही होगी। उसकी अठखेलियां देखने के लिए दूसरे जिले -प्रदेश नहीं जाना होगा। यह नजारा जिले से कासगंज तक गंगा किनारे वाच टावर से देख सकेंगे। इसे डाल्फिन संरक्षण क्षेत्र घोषित किया गया है। तीन साल तक सतत निगरानी के बाद सेंचुरी के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। करीब साढ़े चार करोड़ की राशि इस पर खर्च होगी।

    छह महीने पहले वन विभाग ने कराया सर्वे

    बुलंदहशर व बिजनौर में पहले से ही इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इससे सटे अलीगढ़ के 17 किलोमीटर क्षेत्र से होती हुई गंगा नदी कासंगज से जुड़ी है। वहां इसका क्षेत्र 72 किलोमीटर है। कुल 89 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में गंगा का पानी साफ है। अलीगढ़ में कहीं भी गंगा प्रदूषित नहीं हो रही है। साफ पानी का क्षेत्र ही डाल्फिन की पहली पसंद होता है। यहां मछुआरे भी नहीं हैं। छह महीने पहले वन विभाग की ओर से अलीगढ़ व कासगंज क्षेत्र में सर्वे कराया गया। इसमें बड़ी संख्या में डाल्फिन पाई गईं। इसके बाद केंद्र सरकार ने इसे संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया। इस संबंध में राज्य सरकार ने भी वन विभाग को निर्देश दिए हैं।

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    4.72 करोड़ का प्रस्ताव

    अलीगढ़ व कासगंज में डाल्फिन संरक्षण के लिए 4.72 करोड़ का प्रस्ताव वन विभाग ने बनाया है। इससे चार वाच टावर बनवाए जाएंगे। स्टीमर, नाव समेत अन्य उपकरण खरीदे जाएंगे। गंगा किनारे के लोगों को संरक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वन विभाग, मत्स्य विभाग व ग्राम्य विकास विभाग के अफसरों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।

    दुर्लभ प्रजातियों में एक है डाल्फिन

    डाल्फिन दुर्लभ प्रजातियों में से एक है। 2009 में केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था। इसके बाद से देश भर में गंगा डाल्फिन के लिए सर्वे कराया जा रहा है।

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    दोनों जिलों में होंगे दो-दो वाच टावर

    अलीगढ़ में गनेशपुर गंग, किरतौली व कासगंज में सतलाना व पटियाली क्षेत्र में वाच टावर होंगे। इन्हें पर्यटन स्थल बनाया जाएगा।

    इनका कहना है

    डाल्फिन एक सामाजिक प्राणी है। अधिक गहरे और साफ पानी में रहना पसंद करती है। वन विभाग की तरफ से डाल्फिन संरक्षण के लिए बेहतर काम किया जा रहा है। गंगा समिति इसमें पूरा सहयोग करेगी।

    - ज्ञानेश शर्मा, सदस्य, जिला गंगा समिति

    दोनों जिलों के सर्वे में डाल्फिन पाई गई हैं। इसे देखते हुए डाल्फिन संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है। तीन साल तक निगरानी होगी। सब कुछ सही रहने पर सेंचुरी की योजना है।

    - दिवाकर वशिष्ठ, प्रभागीय वन अधिकारी