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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PC Bagla PG College Hathras : 1970 में पहली बार तीन प्रत्याशी चुने गए थे छात्रसंघ के संयुक्त अध्यक्ष

    By Anil KushwahaEdited By:
    Updated: Wed, 24 Aug 2022 02:20 PM (IST)

    PC Bagla PG College Hathras हाथरस के पीसी बागला पीजी कालेज में बीते 40 वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए। अतीत के आइने में देखा जाय तो जब यहां छात्रस ...और पढ़ें

    राजनीति की पहली सीढ़ी कहे जाने वाले छात्रसंघ चुनाव भले ही अब शहर के बागला कालेज में बंद हैं।
    राजनीति की पहली सीढ़ी कहे जाने वाले छात्रसंघ चुनाव भले ही अब शहर के बागला कालेज में बंद हैं।

    हाथरस, जागरण संवाददाता। PC Bagla PG College Hathras : राजनीति की पहली सीढ़ी कहे जाने वाले छात्रसंघ चुनाव भले ही अब शहर के बागला कालेज में बंद हैं, लेकिन जब यह चुनाव होते थे तो सरगर्मी सिर चढ़कर बोलती थी। electoral equation भी दिलचस्प रहे हैं। अतीत को देखें तो 1970 के चुनाव में student union election में खड़े तीनों प्रत्याशियों के मत समान थे। इसके बाद तीनों को संयुक्त रूप से अध्यक्ष चुना गया था। 

    कभी छात्र राजनीति का था बोलबाला : हाथरस में पीसी बागला पीजी कालेज सबसे पुराना है। अंग्रेजों के समय में इसका नाम पीबीएएस (Phoolchand Bagla Anglo-Sanskrit School) था। आजादी के बाद वर्ष 1958 में इसका नाम फूलचंद बागला पीजी कालेज हुआ। यहां वर्ष 1965 से 1982 तक छात्रसंघ राजनीति का जबरदस्त बोलबाला रहा।

    हालांकि बीच में इमरजेंसी के दौरान दो वर्ष तक चुनाव पर रोक लगी रही। राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों की सक्रियता चुनावों में रहती थी। छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव प्रतिष्ठापूर्ण होता था। एक-एक छात्र को अपनी तरफ खींचने की कवायद होती थी।

    छात्र संघ अध्यक्ष का दबदबा कालेज ही नहीं पूरे जिले में देखने को मिलता था। पूर्व छात्रों की मानें तो वर्ष 1970 की बात है, जब student union president के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में थे। सुरेंद्र शर्मा, बनी सिंह राणा और सुरेंद्र विक्रम शर्मा चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रहे थे। इस बीच चुनाव की सरगर्मी जबरदस्त थी। यह तय नहीं किया जा सकता था कि हार-जीत किसकी होगी। चुनाव के बाद शाम को मतगणना शुरू हुई। यहां तीनों प्रत्याशियों को बरामर 868 मत मिले। यह देख सब हैरान रह गए। काफी मंथन के बाद चुनाव अधिकारियों ने तीनों को संयुक्त रूप से अध्यक्ष बनाने की घोषणा की।

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    इनका कहना है

    बागला कालेज का चुनाव हर वर्ष ही दिलचस्प रहता था। गांव और शहरवाद की राजनीति रहती थी। 1970 में तीन प्रत्याशी संयुक्त रूप से अध्यक्ष चुने गए थे। यह कार्यकाल बड़ी चर्चाओं में रहा था।

    - कृष्ण मुरारी शर्मा, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष

    चुनाव के दौरान हमारी बड़ी सक्रिय भूमिका रहती थी। चुनाव प्रचार के लिए पूरी ताकत झोंकते थे। अपने प्रत्याशी का खुलकर समर्थन किया करते थे। तीन प्रत्याशियों के संयुक्त अध्यक्ष का मामला दिलचस्प रहा था।

    - रवि शर्मा, पूर्व छात्र बागला डिग्री कालेज

    बागला कालेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष

    • वर्ष 1965- डा. अशोक कुमार शर्मा -
    • वर्ष 1970- बनी सिंह राणा, सुरेंद्र शर्मा, सुरेंद्र विक्रम शर्मा
    • वर्ष 1974- रघुवीर सिंह यादव पहलवान
    • वर्ष 1977- सतीश शर्मा
    • वर्ष 1978- कोमल किशोर शर्मा
    • वर्ष 1979- परमेश्वरी दयाल शर्मा
    • वर्ष 1980- कृष्ण मुरारी शर्मा
    • वर्ष 1982- जितेंद्र शर्मा प्रेमी