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रिंकू सिंह का सपना पूरा करने को पिता ने किया संघर्ष, घर-घर पहुंचाए सिलेंडर; खेल प्रेमी कर रहे प्रार्थना

Published: Wed, 25 Feb 2026 01:19 PM (IST)Updated: Wed, 25 Feb 2026 02:46 PM (IST)

रिंकू ने कड़ी मेहनत से यूपी टीमों, रणजी, आईपीएल और भारतीय टी20 टीम तक का सफर तय किया। यह खबर ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, अलीगढ़। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह इन दिनों पारिवारिक कारणों से चर्चा में हैं। उनके पिता की तबीयत बिगड़ने की खबर से खेल प्रेमियों में चिंता है, जिससे उनका संघर्षपूर्ण सफर और हालिया शानदार प्रदर्शन एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

संघर्षाें से भरा है रिंकू सिंह का जीवन

रिंकू का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनका परिवार मूल रूप से बुलंदशहर जिले के गांव दानपुर का निवासी है। करीब 25 वर्ष पहले पिता खानचंद रोजगार की तलाश में अलीगढ़ आकर बस गए थे। बुलंदशहर में आज भी उनका पुश्तैनी मकान मौजूद है। अलीगढ़ में बेहद साधारण परिस्थितियों में पले-बढ़े रिंकू ने दो कमरों के घर में बचपन बिताया। उनके पिता को गोविला गैस एजेंसी में घर-घर सिलेंडर पहुंचाने का काम करना पड़ा। परिवार आर्थिक तंगी से गुजता रहा।

तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही क्रिकेट प्रेमियों में चिंता, कर रहे प्रार्थना

रिंकू सिंह को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, मगर परिवार के हालात को देखते हुए पिता चाहते थे कि वह पढ़-लिखकर नौकरी करे, लेकिन रिंकू के सपने को देखते हुए उन्हें झुकना पड़ा। पिता ने सिलेंडर ढोते हुए ही उसके सपने को पूरा करने में हर संभव सहयोग किया।

कड़ी मेहनत के बल पर रिंकू ने उत्तर प्रदेश की अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के साथ-साथ सेंट्रल जोन से खेलते हुए रणजी ट्रॉफी तक का सफर तय किया। इस बीच ऐसे भी हालात बने कि रिंकू को कभी झाड़ू-पोछा तक लगाने का विचार करना पड़ा।

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आईपीएल में कदम रखा तो नाइट राइडर्स से जुड़े

पिता के संघर्ष और भावनात्मक सहयोग से वर्ष 2017 में उन्होंने आईपीएल में कदम रखा और फिर 2018 में वह कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। वर्ष 2019 में बिना अनुमति विदेशी टी-20 टूर्नामेंट खेलने जाने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन पर तीन महीने का प्रतिबंध लगाया, लेकिन पिता ने उनका साहस बढ़ाया। उन्होंने जोरदार वापसी कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

इसके बाद भारतीय टी 20 टीम में जगह बनाई। आज जब उनके पिता की तबीयत खराब है, तब रिंकू का संघर्ष, पारिवारिक जुड़ाव और मैदान पर उनका जज्बा लोगों को भावुक कर रहा है और प्रेरित भी। हर कोई पिता के स्वस्थ होने के लिए शुभकामनाएं कर रहा है।