RMPSU में छात्र की मौत के बाद बड़ा फैसला, प्रमोट किए जाएंगे सभी फेल छात्र
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय ने छात्र सचिन की मृत्यु के बाद बैक परीक्षाओं में फेल हुए सभी छात्रों को ...और पढ़ें

राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। बैक परीक्षाओं में फेल बीएएलएलबी-एलएलबी छात्रों को राहत देने से साफ इन्कार करते रहे राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने शनिवार को महत्वपूर्ण निर्णय ले लिया। अब कोई भी विद्यार्थी चाहे किसी भी पाठ्यक्रम का हो, बैक के आधार पर उसका प्रवेश नहीं रुकेगा और अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाएगा।
यह निर्णय आंदोलन में शामिल रहे धर्मसमाज महाविद्यालय के बीएएलएलबी छात्र सचिन की संदिग्ध परिस्थिति में मृत्यु की घटना सामने आने के बाद लिया गया। देरी से लिए गए निर्णय पर सवाल तो उठ रहे हैं, मगर इससे काफी संख्या में प्रवेश न मिलने से चिंतित छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिल गई है।
धर्मसमाज महाविद्यालय में करीब 240, श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय में 22 व विवेकानंद कालेज ऑफ लाॅ में 235 छात्र-छात्राएं बीएएलएलबी और एलएलबी में बैक व री बैक में फेल हो गए। बैक क्लीयर न होने से महाविद्यालय प्रबंध ने इनके अगले सेमेस्टर में प्रवेश तक रोक दिए।
ऐसे में प्रोन्नत किए जाने की मांग को लेकर छात्रों ने पांच बार (27 जुलाई, 03, 10, 19 व 21 अगस्त) विश्वविद्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल तक की। प्रबंधन ने हर बार नियमों का हवाला देते हुए राहत देने से साफ इन्कार कर दिया, मगर शनिवार को आंदोलनकारी छात्र की मृत्यु को लेकर जैसी खबरें मिलीं, उससे विश्वविद्यालय में खलबली मच गई।
पता चला है कि प्रबंधन ने तत्काल व्यवस्था कर कार्य परिषद की ऑनलाइन बैठक आयोजित करते हुए इस मामले को पदाधिकारियों के समक्ष रखा। प्रबंधन के अनुसार, बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, सेमेस्टर में प्रोन्नति और छात्रहित से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्य परिषद ने निर्णय लिया कि किसी भी विद्यार्थी को किसी भी सेमेस्टर में रोका नहीं जाएगा। उसे अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाएगा। हालांकि, अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा के साथ ही पिछली बैक क्लीयर करनी होगी।
कुलपति प्रो. नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए विद्यार्थियों का हित सर्वोपरि है। किसी विद्यार्थी की शैक्षणिक यात्रा अनावश्यक रूप से बाधित न हो, इसी उद्देश्य से कार्यपरिषद ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के प्रति गंभीरता और अनुशासन बनाए रखने की अपेक्षा भी की। छात्रों ने सवाल उठाए कि प्रबंधन ने यह कार्रवाई पहले क्यों नहीं बुलाई।
